13 जुलाई को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से 19 शिक्षण संस्थानों के खिलाफ छात्रवृत्ति घोटाले के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद से ही जांच तेज हो गई है।
अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने कांवड़ मेला संपन्न होने के बाद जांच तेज कर दी है। 19 शिक्षण संस्थानों के संचालकों को एसआईटी ने नोटिस भेजते हुए थाने पहुंचकर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले टीम ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से सभी संस्थानों से संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं।
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पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से 19 शिक्षण संस्थानों के खिलाफ छात्रवृत्ति घोटाले के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर वर्ष 2021-22 और 2022-23 के आंकड़ों के विश्लेषण में इन सभी संस्थानों की ओर से छात्रवृत्ति योजना में वित्तीय अनियमितता, धोखाधड़ी और शासकीय धन के गबन बात सामने आई थी।
पूरे मामले की जांच के लिए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने एसआईटी का गठन कर दिया था। अब एसआईटी ने जांच आगे बढ़ानी शुरू कर दी है। पहले चरण में विभाग से दस्तावेज मंगवाने के बाद अब पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है। सभी को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं, सीओ सदर पुलिस अधीक्षक बलूनी का कहना है कि मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।