- एसआईटी ने 12 फरवरी 2019 को सबसे पहले रुड़की के बीरपुर स्थित आईपीएस कॉलेज के निदेशक अंकुर शर्मा को गिरफ्तार किया था। जबकि उसके भाई विवेक शर्मा को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा था। इस कॉलेज को छात्रवृत्ति के नाम पर वर्ष 2014-15 और वर्ष 2015-2016 में छह करोड़ 28 लाख 94 हजार 750 रुपये की छात्रवृत्ति जारी की गई थी।
- तीन मार्च 2019 को अमृत कॉलेज ऑफ एजूकेशन के मालिक ओम त्यागी की भी गिरफ्तारी हुई। अमृत कॉलेज को वर्ष 2012-13 और वर्ष 2016-17 में छात्रवृत्ति के रूप में 14 करोड़ 85 लाख 58 हजार 40 रुपये जारी हुए थे।
- पांच मार्च 2019 को टच वर्ल्ड ग्रामोद्योग विकास संस्थान मंगलौर के मालिक प्रदीप अग्रवाल, काजी नूरुद्दीन (कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन का भाई) और संजय बंसल की गिरफ्तारी हुई। छात्रवृत्ति के नाम पर इस कॉलेज को वर्ष 2012-13 और वर्ष 2014-15 से दो करोड़ 54 लाख 10 हजार रुपये 440 रुपये दिए गए थे।
- सात मार्च 1019 को छात्रवृत्ति घोटाले में फोनिक्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन रुड़की के चेयरमैन चैरब जैन की गिरफ्तारी हुई। इस संस्थान को वर्ष 2012-13 और वर्ष 2016-17 के बीच 25 करोड़ 58 लाख 43 हजार रुपये की छात्रवृत्ति जारी हुई थी। इनमें से 20 से 25 प्रतिशत धनराशि गबन करने की बात सामने आ रही है। चैरब जैन रुड़की के पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन के भतीजे बताए जा रहे हैं।
- 16 मई 2019 को एसआईटी ने हरिद्वार के पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर को गिरफ्तार किया गया। शंखधर पर शैक्षणिक संस्थानों को आर्थिक लाभ पहुंचाने की नीयत से साठगांठ कर सरकारी धन का गबन करने का आरोप है।
- 19 मई को रुड़की के चार शिक्षण संस्थानों के पांच पदाधिकारियों मनिका शर्मा, अंकुर राणा, शरद गुप्ता, मुजिब मलिक और योगेंद्र की गिरफ्तारी हुई।