विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. देवीप्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि विवि ने इस साल कई उपलब्धियां हासिल की। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से नैक का प्रमाण त्र प्रदान किया जाना और 12बी का निरीक्षण विश्वविद्यालय की विशेष उपलब्धि है। इस अवसर पर उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को शपथ दिलाकर दीक्षित किया।
इन छात्रों को दिए गए गोल्ड मेडल
विवि के आठवें दीक्षांत समारोह में सत्र 2017-18 के अंकित कुमार, सुभाष पैन्यूली, रविंद्र गैरोला, महेश चंद्र, कविता रानी, राजेंद्र प्रसाद देवराड़ी, नवीन चंद्र उप्रेती, नितिन आर्य, ममता रानी, संदीप मैंदोलिया, पंचराम व्यास, नलिनी चंदेल, रीतु, प्रभा, सरिका, आदेश नौडियाल और सत्र 2018-19 के मनीष कुमार, मुकुल शर्मा, आशुतोष काला, अल्का, अरविंद प्रसाद, राम प्रकाश, दीप्ति आर्या, राम कृष्ण उनियाल, अमर देव, राजन कुमार, शुभम रतूडी, सूरज गौनियाल, शिव अवतार, प्रभा, गौरव जोशी, शशांक पंच भैया को अपने-अपने विषयों सर्वाधिक अंक लाने पर गोल्ड मेडल से नवाजा गया।
दो को डीलिट की मानद उपाधि
दीक्षांत में संस्कृत के दो विशिष्ट विद्वानों को विद्यावाचस्पति (डीलिट्) की उपाधि राज्यपाल ने प्रदान की गई। प्रो. जगन्नाथ जोशी और प्रो. जगदीश प्रसाद सेमवाल को यह उपाधि उनके द्वारा संस्कृत के क्षेत्र में अच्छा कार्य करने के लिए प्रदान की गई।
इन छात्रों को दी गई पीएचडी की उपाधि
दीक्षांत समारोह में दीपिका, विशाखा, कुसुम शर्मा, बबीता लसियाल, राकेश सिंह, भूपेंद्र सिंह, जनार्दन प्रसाद कैरवान, शक्ति प्रसाद उनियाल, संदीप रतूड़ी, लखपति देवी को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।