इन गानों से बांधा समा
कौन है वो कौन है वो कहां से वो आया..., जय जयकार जय जयकारा..., सइयां...., राह बुहारूं, पग पखारूं...., तौबा तौबा वे तेरी सूरत..., पिया के रंग रंग दीनी ओढनी..., तेरे बिन नहीं लगता दिल मेरा... तेरी दीवानी..., कागा सब तन खाइयो, गाने के साथ झूमते हुए कैलाश खेर सभी झूमने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान मंगल पांडे फिल्म के गीत, शिव शंकर के श्लोक और छंद भी सुनाए। फिल्म इंडस्ट्री में 15 वर्ष पूरे कर चुके पद्मश्री गायक कैलाश खेर सूफी और आध्यात्मिक गानों के सरताज हैं। जितनी अच्छी उनकी गायकी है उतने अच्छे वह म्यूजिक कंपोजर हैं। वह 1500 से ज्यादा फिल्मी गाने गा चुके हैं।
देहरादून के लोगों का मन और मौसम एक जैसा- कैलाश
कैलाश खेर ने कहा कि देव भूमि उत्तराखंड जहां शिव का वास है। उसको धरती को मैं नमन करता हूं। भगवान शिव से मेरा खास लगाव है। देहरादून शहर बहुत अच्छा है और यहां के लोग बहुत अच्छे हैं। यहां का मौसम और लोगों का मन एक जैसा रहता है। गाने सुन रहे लोगों से कैलाश ने कहा कि आप गाने को ऐसे मत सुनिए जैसे आप टीवी देख रहे हैं। इसके बाद गानों पर जब दर्शक झूमने लगे तो कैलाश ने कहा कि जैसे आपने गाना गाया है वैसे ही डांस भी करना है। इसे बाद कैसे बताएं क्यों तुमको चाहें... गाना गाया तो सभी दर्शक झूमते हुए साथ में गाने लगे। इस पर कैलाश ने कहा क्या आपका भी एक तरफा प्यार या क्रश जाग गया। इस पर सभी दर्शक ठहाका लगाकर हंसने लगे।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
इस दौरान दून विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सुरेखा डंगवाल, प्रोफेसर चारू द्विवेदी, प्रोफेसर अजीत पंवार समेत दून विश्वविद्यालय के अन्य प्रोफेसर भी मौजूद रहे।