इस उपचुनाव के नतीजे से सत्ता पक्ष में लोगों में नाराजगी का डर बहुत हद तक कम हो गया है। अब खुद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत बढ़े हुए मनोबल के साथ मैदान में उतर सकेंगे। टिहरी लोक सभा का उपचुनाव, खाली हुई गंगोत्री विधानसभा सीट का उपचुनाव और मुख्यमंत्री का निर्वाचन की एक सीधी लकीर पर अब भाजपा सरपट दौड़ने की कोशिश कर सकती है।
कांग्रेस की उम्मीद
आगे के उपचुनाव में सहानुभूति का फेक्टर नहीं होगा। कोरोना और अन्य मामलों में लोगों की नाराजगी और मुखर होकर सामने आएगी। ऐसे में कांग्रेस को आगे आने वाले चुनाव में आसानी होगी।
भाजपा की उम्मीद
लोगों ने साबित कर दिया कि वे सरकार के काम से संतुष्ट हैं। उपचुनाव में चौतरफा मिले समर्थन से भाजपा का मनोबल भी बढ़ा है। आगे आने वाले चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन और बेहतर होगा।
सूर्य अस्तांचल में जाता है तो भी गरिमामय ही होता है। यह जनादेश कांग्रेस स्वीकार करती है। कांग्रेस ने पूरी मेहनत के साथ चुनाव लड़ा और पूरी टक्कर दी। सत्ता पक्ष ने चुनाव को धनबल का बनाया।
- हरीश रावत, पूर्व सीएम और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव
यह जनादेश हमे स्वीकार है। कांग्रेस ने चुनाव एकजुटता और पूरे दमखम से लड़ा। हमने तो कहा था कि मुख्यमंत्री चुनाव लड़ें और प्रदेश को इस कोरोना काल में एक और उपचुनाव से बचाएं। फिर भी सहानुभूति की लहर के कारण कांग्रेस चुनाव हारी। इतना जरूर है कि सत्ता पक्ष के प्रति लोगों में नाराजगी है। यह इस उपचुनाव से साफ हो गया है।
- देवेंद्र यादव, प्रदेश प्रभारी कांग्रेस
यह भाजपा की नहीं, बल्कि जनआकांक्षाओं की भी जीत है। भाजपा प्रत्याशी महेश जीना के बहाने क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।
-रमेश पोखिरियाल निशंक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और भाजपा के हरिद्वार सांसद
जनता ने साफ संदेश दे दिया है कि वह विकास यात्रा को निरंतर आगे बढ़ाने के पक्ष में है। स्व.जीना के अधूरे सपनों को पूरा करने का जिम्मा अब भाजपा का है। पार्टी ने उपचुनाव में जनता के सामने यह वायदा भी किया है।
- मदन कौशिक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष