जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में सोमवार को पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में कोटाबाग ब्लॉक की ग्राम सभा आंवलाकोट निवासी सैनिक मनमोहन बुधानी शहीद हो गए। शहीद का पार्थिव शरीर बुधवार को कोटाबाग पहुंचने की संभावना है।
आंवलाकोट निवासी खीमानंद बुधानी के 23 वर्षीय पुत्र मनमोहन बुधानी 24 जून 2015 को सेना में भर्ती हुए थे। 20 कुमाऊं रेजीमेंट में पोस्टिंग मिलने के बाद वह जम्मू के पुंछ सेक्ट्रर में तैनात थे। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे आर्मी हेडक्वार्टर से परिजनों को उनके शहीद होने की सूचना मिली।
मनमोहन चार भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनके पिता ग्राम विकास अधिकारी हैं, जो गंगोलीहाट में तैनात है। भाई और बहन घर पर ही रहते हैं। मनमोहन के शहीद होने की सूचना मिलते ही उनके घर पर ढाढ़स बंधाने वालों का तांता लग गया।
शहीद मनमोहन बुधानी की चचेरी बहन की 24 अप्रैल को शादी होनी है, जिसके लिए घर में तैयारियां चल रही थीं। मनमोहन ने परिजनों से बहन की शादी में घर आने का वादा किया था, लेकिन शादी से पहले ही उनके शहीद होने की सूचना आ गई। मनमोहन ने इंटर जीआईसी कोटाबाग और बीए कोटाबाग कॉलेज से किया था।
दो माह में ब्लॉक से दूसरी शहादत
दो माह के अंतराल में ब्लॉक के दो जवान शहीद हो गए। मनमोहन की शहादत से पहले कोटाबाग के पतलिया निवासी धीरेंद्र साह कश्मीर में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे।