मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उद्घाटन किया
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उत्तराखंड के पहले बाल मित्र पुलिस थाने का शुभारंभ शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बच्चों की सुरक्षा के लिए एक करोड़ रुपये के राहत कोष की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल मित्र पुलिस थाना पुलिस का एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम होगा। कहा कि बच्चों को जिस माहौल में ढालना चाहें वह उसी माहौल में ढल जाते हैं। इसलिए बच्चों को बेहतर माहौल मिलना जरुरी है। कहा कि बाल मित्र थाने में लोगों को यह लगना चाहिए कि बच्चों के संरक्षक आ रहे हैं। कहा कि जो बच्चे अनजाने में दिशा भटक गए हैं, उन्हें इस थाने के माध्यम से सही दिशा दी जा सकती है।
उत्तराखंड बाल सरंक्षण अधिकार आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा कि पुलिस के सहयोग से उत्तराखंड के 13 जिलों में बाल मित्र पुलिस थाने खोले जाएंगे। इन थानों में बच्चों की काउंसिलिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए पुलिस को 13 लाख की धनराशि दी जाएगी।
डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि हमारा प्रयास है कि हर थाने को महिला और चाइल्ड फ्रेंडली बनाया जाए। इससे थाने के नाम से बच्चों के मन में जो भय रहता है, वह दूर होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से बच्चों के लिए ऑपरेशन मुक्ति अभियान चलाया गया है। इसके तहत लगभग 2200 बच्चों को चिह्नित किया गया और उन्हें भीख मांगने के प्रचलन से बाहर किया गया। आज इनमें से अधिकांश बच्चे स्कलों में पढ़ाई कर रहे हैं।
इस मौके पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, महिला आयोग की अध्यक्ष विजया बडथ्वाल, सचिव विनोद रतूड़ी, डीआईजी गढ़वाल नीरू गर्ग, डीएम आशीष श्रीवास्तव, एसएसपी डॉ. वाईएस रावत आदि मौजूद रहे।