मृतक गुरपेज सिंह और गुरकीर्तन सिंह के अंतिम संस्कार के बाद एक ऑडियो सामने आया है। हत्यारोपी राकेश मिश्रा उर्फ पप्पू पांडे और उसने भतीजे जब राइफल और तमंचे लेकर खेत में पहुंचे तो गुरपेज ने अपने चचेरे भाई को कॉल किया था। उसने कहा था कि राकेश राइफल लेकर पहुंच गया है। वह जल्दी घर से निकलकर उन्हें बचाने के लिए पहुंच जाए। दोनों के बीच बातचीत का ये ऑडियो रिकॉर्ड किया गया है।
प्रीतनगर गांव में दो सगे किसान भाइयों की मौत के पीछे की वजह चार इंच की जमीन रही। जमीन के बराबर में मेड़ बनाने के विवाद में मौके पर अपने भतीजों शुभम व शिवम के साथ पहुंचे राकेश मिश्रा ने गोली मारकर पहले गुरपेज और फिर गुरकीर्तन सिंह की हत्या कर दी थी। मृतक के चचेरे भाई ने बताया कि राकेश मिश्रा खेत में काम कर रहे उसके भाई गुरकीर्तन सिंह और गुरपेज सिंह को धमकी देकर घर चला गया था। इसके कुछ देर बाद वह अपने भतीजों केसाथ खेत में पहुंच गया था। राकेश के हाथ में राइफल देककर गुरपेज ने उसे कॉल किया कि वह राइफल लेकर पहुंच गया है, जल्दी आकर उन्हें बचा ले। इसके बाद कॉल कट गई। दोबारा कॉल करने पर नंबर नहीं उठा। राकेश ने उसके भाइयों को गोली मार दी थी। वह मौके पर पहुंचा तो दोनों भाइयों के शव पड़े थे।
घटनास्थल और हत्यारोपियों के घर पर पुलिस और पीएसी तैनात
किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए बुधवार को गुरकीर्तन सिंह और गुरपेज सिंह के शव गांव पहुंचने से पहले घटनास्थल और हत्यारोपियों के घर के बाहर पीएसी और पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और 50 लाख मुआवजे की मांग
गुरकीर्तन सिंह और गुरपेज सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल हुए एसडीएस बाद में सांत्वना देने मृतकों के घर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने हत्या के मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और मृतकों के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा दिलाने की मांग की है। एसडीएम ने ग्रामीणों को सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया है। बुधवार को एसडीएम विशाल मिश्रा मृतकों के घर ग्राम लंका मलसी में परिजनों को सांत्वना देने के लिए पहुंचे थे।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारोपी किसी भी पृष्ठभूमि का हो उसे बख्शा नहीं किया जाएगा। इसी बीच, ग्रामीणों ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप चीमा के नेतृत्व में एसडीएम का घेराव किया। कहा कि दो भाइयों की मौत से परिवार टूट चुका है। परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा। मृतकों के छोटे छोटे बच्चों के सामने आने वाले समय में परेशानियां आएंगी। वहीं, तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर विर्क ने कहा कि यदि मांगे शीघ्र पूरी नहीं हुई तो 18 जून को आवास विकास गुरुद्वारे में बैठक कर रणनीति तय की जाएगी। वहां पर विक्रमजीत सिंह, हरभजन सिंह विर्क, विरेंद्र सिंह सोलंकी, गुरचरण बराड़, अमनदीप सिंह, जसवीर सिंह, दिलराज सिंह बाजवा, सुरमुख सिंह आदि थे।