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उत्तराखंडः शुरू हुई आरटीई एडमिशन की प्रक्रिया, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

Tue, 28 Jan 2020 01:49 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • निजी स्कूलों के पंजीकरण के बाद अब अभिभावकों को करना होगा आवेदन, इसी के आधार पर होगा सीटों का आवंटन
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शिक्षा के अधिकार अधिनियम - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) की सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई। अभिभावकों के इन्हीं आवेदन के आधार पर छात्र-छात्राओं को सीटों का आवंटन किया जाएगा। 

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एक्ट के तहत निजी स्कूलों को पंजीकरण के लिए 25 जनवरी तक का समय दिया गया था। स्कूलों को पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराने के साथ उपलब्ध सीटों का ब्योरा अपलोड करना था। स्कूलों के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब छात्रों और अभिभावकों के लिए आवेदन की विंडो खोल दी गई है। 

शिक्षा विभाग के मुताबिक, आवेदन के बाद ऑनलाइन लॉटरी निकाली जाएगी। इसके बाद छात्रों को उनके नजदीक के स्कूल में सीट आवंटित की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन में अभिभावकों को बच्चे के डॉक्यूमेंट्स के फोटो भी अपलोड करने होंगे।  लॉटरी से चुने जाने के बाद अभिभावकों को क्षेत्र के उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सभी मूल प्रमाण पत्रों के साथ उपस्थित होना होगा।
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ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

-सबसे पहले अभिभावक आरटीई पंजीकरण की वेबसाइट पर जाएं।
-यहां रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करें और स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करें।
-रजिस्ट्रेशन फार्म खुलने पर सही जानकारी ध्यान से फार्म में भरें।
-दिये हुए मोबाइल नम्बर पर आपको रजिस्ट्रेशन नम्बर प्राप्त होगा, जो लॉटरी के समय काम आएगा।
-पूरी जानकारी भरने के बाद सेव एंड नेक्स्ट बटन पर क्लिक करें। इसके बाद सबमिट के बटन पर क्लिक करें। आपका आवेदन पूर्ण हो जाएगा।
-ध्यान रखें कि स्टार लगे हुए क्षेत्रों की जानकारी भरना अनिवार्य है।
-अपने आवेदन का प्रिंट जरूर निकाल लें।

यह मूल दस्तावेज हैं जरूरी

-आवेदन पत्र की प्रति
-पात्रता के दस्तावेज
-बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र
-माता/पिता के पते का प्रमाणपत्र
-माता या पिता का आधार कार्ड/वोटर आईडी
-आय प्रमाणपत्र (आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए, सालाना 55,000 से कम)
-माता या पिता का जाति प्रमाणपत्र (यदि अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ी जाति से हैं)
-मेडिकल दस्तावेज (यदि बच्चा दिव्यांग/कोढ़/एचआईवी पीड़ित है)
-निराश्रय दस्तावेज (यदि बच्चा निराश्रित है)
-तलाक का दस्तावेज (यदि माता तलाकशुदा है)
-पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र (यदि माता विधवा है)

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अभिभावकों के सवाल और विशेषज्ञों के जवाब

सवाल : मेरे ग्रामपंचायत/मोहल्ला/क्षेत्र में कोई भी स्कूल नहीं दिख रहा है। कैसे आवेदन करूं?
जवाब : आपके चुने हुए क्षेत्र में चुनी कक्षा के लिए कोई स्कूल नहीं आता है तो अपने नोडल अधिकारी से संपर्क करें। हो सकता है कि वह स्कूल वेबसाइट पर पंजीकृत न हुआ हो।

सवाल : हमारे पास बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र नहीं है। कैसे आवेदन करें?
जवाब : माता-पिता या अभिभावक बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए (जिला अस्पताल में जाकर) ऑनलाइन आवेदन की तिथि आने से पहले आवेदन करें।

सवाल : बच्चे का दिव्यांग होने का प्रमाण पत्र नहीं है, क्या करें?
जवाब : दिव्यांग होने के प्रमाण पत्र के लिए फार्म भरकर जिला अस्पताल में जल्द से जल्द दिव्यांग होने का प्रमाण पत्र प्राप्त करें।

सवाल : जन्म तिथि सत्यापन की जानकारी के तौर पर क्या भरें?
जवाब : जन्म प्रमाण पत्र या आधार कार्ड।

सवाल : अभिभावक के पहचान पत्र के तौर पर क्या प्रमाणपत्र दें?
जवाब : आधार कार्ड/ वोटर आईडी कार्ड/ ड्राइविंग लाइसेंस/ पैन कार्ड।

सवाल : पते के प्रमाण के तौर पर क्या दस्तावेज दें?
जवाब: आधार कार्ड/ राशन कार्ड/ मूल निवास प्रमाण पत्र/ बिजली का बिल।

सवाल : आरटीई के तहत दाखिला होने के बाद स्कूल में कितनी फीस देनी होगी?
जवाब : आरटीई के तहत दाखिले निशुल्क हैं। इसका कोई शुल्क नहीं देना होगा। शुल्क की प्रतिपूर्ति सरकार करती है।

सवाल : आरटीई फार्म भरते वक्त कितने विद्यालयों का विकल्प भर सकते हैं।
जवाब : सूची में जो स्कूल आपको फार्म में दिखाई देंगे, उनमें से कम से कम एक और अधिक से अधिक कितने भी स्कूलों का विकल्प चुन सकते हैं।

आरटीई के तहत एडमिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्कूलों का पंजीकरण किया जा चुका है। अब छात्रों को आवेदन का समय दिया गया है। इसके बाद लॉटरी के जरिये सीटें आवंटित की जाएगी। 
- आशारानी पैन्यूली, मुख्य शिक्षा अधिकारी
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