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आरएसएस का शताब्दी वर्ष: संवाद कार्यक्रम में बोले मोहन भागवत- अब देश में 'बंटेंगे तो कटेंगे' के दिन नहीं आएंगे

Sun, 22 Feb 2026 06:55 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

Dehradun News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत आज प्रमुख जनों के संवाद में शामिल हुए। 
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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विस्तार
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आज आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत दो दिनी संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जनसंख्या कानून, डेमोग्राफिक चेंज और आरक्षण व्यवस्था पर अपनी बात रखी। 

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नींबूवाला स्थित संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जनसंख्या कानून के लिए हमें आने वाले 50 वर्षों को ध्यान में रखकर तैयारी करनी चाहिए। आने वाले समय में कितनी जनसंख्या होगी, कितने संसाधन होंगे इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। वहीं उन्होंने हिंदू धर्म के लोगों के लिए कम से कम तीन बच्चों की पैरवी की। 

'बंटेंगे तो कटेंगे' के दिन नहीं आएंगे

डेमोग्राफिक चेंज को लेकर उन्होंने कहा कि देश में आबादी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में डेमोग्राफिक चेंज पर ध्यान देने की जरूरत है।  'बंटेंगे तो कटेंगे' नारे के सवाल पर कहा कि अब देश में बंटेंगे तो कटेंगे जैसे दिन नहीं आएंगे। उन्होंने समाज के लोगों से आवाह्न किया कि संघ से जुड़ें, शाखाओं में आएं। जो दुष्प्रचार संघ को लेकर होता है यहां आने से वो भ्रम भी दूर हो जाएगा। 

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तकनीकी का इस्तेमाल करें पर खुद पर हावी ना होने दें

भारत में बढ़ रहे कोरियन कल्चर के सवाल पर उन्होंने कहा कि तकनीकी का प्रयोग करना चाहिए। लेकिन तकनीकी हावी ना हो ये भी हमें ध्यान रखना है। जेन जी को समझाएं। उनके साथ समय बिताएं और उन्हें हमारे हिंदू धर्म के बारे में बताएं।  

आरक्षण पर भी लोगों की समझ बदलेगी

आरक्षण वयवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो आरक्षण की व्यवस्था है धीरे धीरे लोगों की समझ उसे लेकर बदलेगी। आने वाले समय में जो लोग संपन्न हेंगे हो सकता है वो खुद ही आरक्षण लेने से मना करें। ऐसे में जिम्मेदारी बढ़ती है कि दोनों पहलुओं को देखें और उसी अनुसार नीति तय करें।

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