उत्तराखंड परिवहन निगम को कंगाल बनाने पर अपनी ही सरकार आमादा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो सरकार ने दिव्यांगों, छात्र छात्राओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकारों समेत तमाम वर्ग के लोगों के लिए निगम की बसों में यात्रा करने को लेकर कई कल्याणकारी योजनाएं तो संचालित कर दी लेकिन उनके एवज में निगम को फूटी कौड़ी नही दी। दूसरी ओर प्रबंध निदेशक ने प्रमुख सचिव परिवहन को पत्र लिखकर विभिन्न मदों में बकाया 84.94 करोड़ बकाए का भुगतान करने का अनुरोध किया है।
परिवहन निगम के अफसरों के मुताबिक सरकार ने दिव्यांगों और सहवर्ती यात्रियों, मान्यता प्राप्त पत्रकारों, छात्र छात्राओं, रक्षाबंधन पर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के लिए निगम की बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा देने के साथ ही ‘मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ योजना’ शुरू कर दी।
सरकार ने आश्वासन दिया कि मुफ्त यात्रा कराने के एवज में परिवहन निगम केा भुगतान किया जाएगा लेकिन अब सरकार अपने वादे से मुकर रही है। आकड़ों पर नजर डाले तो इन योजनाओं में सरकार को निगम को 20.25 करोड़ रुपये का भुगतान करना है लेकिन फूटी कौड़ी नही मिल पा रही है।