उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों की निगरानी अब ऑनलाइन की जाएगी। गंतव्य स्थल पहुंचने पर परिचालक को बस की आमद ऑनलाइन दर्ज करानी होगी।
इससे मुख्यालय और संबंधित डिपो अधिकारियों को पता चल जाएगा कि बस अपने अंतिम स्टेशन पर पहुंच गई है। परिवहन निगम जल्द ही ऑनलाइन ड्यूटी सिस्टम शुरू करने जा रहा है। इसके लागू होने से ड्राइवर-कंडक्टरों की बहानेबाजी और तमाम तरह की हेराफेरी पर रोक लग सकेगी। वर्कशॉप से लेकर प्रत्येक डिपो परिवहन मुख्यालय से कनेक्ट रहेंगे।
उत्तराखंड परिवहन निगम यूटीसी एसएमएस नाम के सर्वर से ऑनलाइन ड्यूटी सिस्टम की शुरुआत करने जा रहा है। सिस्टम में कार्यशाला में ऑनलाइन ड्यूटी चार्ट बनाया जाएगा। ड्राइवर और कंडक्टर को ड्यूटी की सूचना सिस्टम एसएमएस से स्वयं देगा।
किस रूट पर बस जानी है, कितना डीजल भराया, कब डिपो पहुंची, कितने यात्री बस में गए और बस कब गंतव्य स्थल पर पहुंची, सभी जानकारी सिस्टम में अपडेट होती रहेगी। इसके लिए परिचालक हर मोड़ पर सिस्टम अपडेट कराएगा। वापसी में आमदनी, डीजल खर्च, किमी आदि डिटेल भी सिस्टम में ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा।
परिवहन मुख्यालय में बैठे उच्च अधिकारियों से लेकर डिपो, कार्यशाला के अधिकारी और कर्मचारी इसे एक साथ देख पाएंगे। सिस्टम शुरू होने से चालक-परिचालकों की लेटलतीफी, बहानेबाजी और हेराफेरी पकड़ में आएगी। तकनीकी जीएम दीपक जैन और एजीएम मुकेश सिंह ट्रायल के तहत कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
वर्कशॉप भी ऑनलाइन
इसी सिस्टम में परिवहन निगम की तमाम वर्कशॉप भी ऑनलाइन होंगी। यहां उपलब्ध सामान, प्रतिदिन बसों में किए गए कार्य आदि की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करानी होगी।
एनआईसी के सहयोग से ऑनलाइन सिस्टम की शुरुआत की जा रही है। केंद्र सरकार ने भी इस सिस्टम को सराहा है। उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों के परिवहन निगम इस सिस्टम को अपने यहां पर लागू कर रहे हैं।
- दीपक जैन, महाप्रबंधक, तकनीकी एवं संचालन, उत्तराखंड परिवहन निगम