उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में सफर महंगा हो सकता है। परिवहन निगम मुख्यालय ने बसों के किराया में पांच से लेकर 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
प्रबंध निदेशक बीके संत ने बताया कि कई राज्यों के मुकाबले उत्तराखंड परिवहन निगम बेहद कम किराया ले रहा है। दूसरी ओर, सरकारी योजनाओं के तहत दिव्यांगों, छात्र-छात्राओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को किराये में रियायत भी दी जा रही है।
हालांकि सरकार की ओर से इसकी भरपाई की जाती है, लेकिन इसके बावजूद निगम की वित्तीय स्थिति साल दर साल कमजोर हो रही है। निगम को बसों के स्पेयर पार्ट्स और डीजल, सेवानिवृत्त कार्मिकों की ग्रेच्युटी और एरियर मद में 52.78 करोड़ का भुगतान करना है।
परिवहन निगम पर करोड़ों की देनदारी है। दूसरी ओर तेल कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में यदि परिवहन निगम को कर्ज से उबारना है तो किराया बढ़ाया जाना लाजिमी है। बहरहाल प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। अब शासन पर निर्भर करता है कि किराए में कितने फीसदी की वृद्धि की जाती है।