मलारी हाईवे पर रैणी गांव के पास मोटर पुल बह जाने के बाद 13 गांव अलग-थलग पड़े हुए हैं। इन गांवों की आवाजाही ठप हो गई है। प्रभावित इन गांवों में जिला प्रशासन ने हेलीकॉप्टर से राशन किट बांटे साथ ही कई लोगों को रेस्क्यू कर दूसरे छोर तक पहुंचाया गया। जोशीमठ और मलारी क्षेत्र में फंसे 60 लोगों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
सोमवार को रैणी, जुग्जु, पेंग, सुरांईथोटा, मुरेंडा, भंग्यूल, जुआग्वाड़ और लाता गांव में हेलीकॉप्टर से राशन वितरित किया गया। राशन किट में पांच किलो आटा और पांच किलो चावल, एक किलो तेल व अन्य जरूरी सामग्री दी गई है। ग्रामीणों को मेेडिकल किट भी वितरित किए गए हैं।
जोशीमठ और मलारी क्षेत्र में फंसे 60 लोगों को भी हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया। जोशीमठ के राजस्व निरीक्षक विजय डुंगरियाल ने बताया कि मलारी क्षेत्र के प्रभावित गांवों में लोगों को लाने-ले जाने के लिए हेली सेवा लगाई गई है। साथ ही प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न सामग्री भी बांटी गई।