मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी योजनाओं से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं जो देश को विकास की दिशा में आगे ले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति लागू की गई है। कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
राज्य के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय उत्पाद को बढ़ावा देकर लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।
राज्य की आय में शानदार वृद्धि
धामी ने कहा कि इन प्रयासों का परिणाम है कि राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है। पिछले एक वर्ष में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 7.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और रिवर्स पलायन में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।
उत्तराखंड सबसे आगे
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। उन्होंने इसे पूरे राज्य के लिए गौरवशाली क्षण बताया।
उत्तराखंड में 24 करोड़ रुपये की राशि वितरित
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत राज्य के छह हजार कर्मचारियों और 900 से अधिक नियोक्ताओं को लाभ मिला है। इसके अंतर्गत 24 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि लाभार्थियों में वितरित की गई है। राष्ट्रीय स्तर पर इस योजना से 15 लाख से अधिक युवाओं को लाभ मिला है और इसके अंतर्गत 2400 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है। धामी ने इस अवसर पर योजना के लाभार्थी युवाओं और नियोक्ताओं को सम्मानित किया।