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उत्तराखंड क्रिकेट के हित में फैसला आने पर खिलाड़ियों ने मनाया जश्न

Tue, 19 Jun 2018 11:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
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BCCI
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उत्तराखंड को सुप्रीमकोर्ट की ओर से गठित बीसीसीआई की क्रिकेट प्रशासक समिति (सीओए) से बोर्ड के टूर्नामेंट में खेलने की मान्यता मिलने की खबर से खिलाड़ियों के अलावा कोच भी काफी गदगद हैं। क्रिकेट क्लबों में प्रेक्टिस करने पहुंचे खिलाड़ियों को उनके प्रशिक्षकों ने मुंह मीठा कराकर यह खुशखबरी सुनाई। यह खुशी गढ़वाल से लेकर कुमाऊं मंडल के हर जिले में क्रिकेट का पसंद करने वाले और क्रिकेट खेलने वाले शख्स के चेहरे पर नजर आई। 

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 हिमालयन क्रिकेट एकेडमी के संचालक और जिला क्रिकेट एसोसिएशन के ट्रेजरार धन सिंह कन्याल ने बताया कि सीओए की पहल पर प्रदेश का क्रिकेट अब ट्रैक पर आ गया है। सभी के सहयोग से जल्दी यह रफ्तार पकड़ लेगा और देश में उत्तराखंड के खिलाड़ी अपने प्रदेश के नाम से जाने जाएंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक प्रदेश के खिलाड़ी नाम कमाते थे, लेकिन वह दूसरे राज्यों का नाम रोशन कर रहे होते थे।

हम सिर्फ उनके यहां का होने की वजह से खुशी मनाते थे, पर अब ऐसा नहीं होगा। अकेले कुमाऊं मंडल ने मनीष पांडे, कमलेश नगरकोटि, उन्मुक्त चंद, सौरव रावत, देवेंद्र, दीक्षांत से लेकर श्रीलंका में अंडर 19 एक दिवसीय और चार दिवसीय सीरीज खेलने जा रहे कैप्टन आर्यन जुयाल और कप्तान अनुज रावत शामिल हैं।
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इसके अलावा आयुष मेलकानी और कुशाग्र उत्तर प्रदेश की टीम से खेल रहे हैं। जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव दीपक मेहरा का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद अच्छा अवसर प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए मिला है। एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी कमल पपनै का कहना था कि इस कदम से राज्य के खिलाड़ियों को वनवास खत्म हो गया है। अब सूबे के खिलाड़ियों को अपने राज्य से खेलने का अवसर मिलेगा। साईं कोच (स्पोर्ट्स स्टेडियम) संजीव पंत का कहना है कि वह 18 सालों से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। अब खिलाड़ियों के साथ मेहनत करने पर प्रतिभाओं को निखारने का मौका मिलेगा। 

क्रिकेट बोर्ड की मान्यता प्रदेश के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे युवाओं का भविष्य बनेगा और उन्हें दूसरे राज्यों से खेलने की जरूरत नहीं होगी। मैं हमेशा से चाहता था कि उत्तराखंड को क्रिकेट की मान्यता मिले।
- एससी साह जगाती, पूर्व क्रिकेट सचिव डीएसए

अस्थाई मान्यता भी बहुत बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इससे भी ज्यादा खुशी तब होगी जब प्रदेश को स्थाई क्रिकेट की मान्यता मिलेगी। यह हमारे के लिए काफी गौरव की बात है।
- अजय साह, पूर्व महासचिव, डीएसए

प्रदेश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां एक से बढ़कर एक प्रतिभा है, लेकिन अब तक क्रिकेट बोर्ड की मान्यता न मिलने के कारण युवाओं को बेहतर प्लेटफार्म नहीं मिल पाता था। क्रिकेट बोर्ड की मान्यता से खिलाड़ियों को बहुत बड़ी सहूलियत मिली है।
- धीरज बिष्ट, क्रिकेट खिलाड़ी

अब तक यहां के युवा दूसरे राज्यों से खेलते थे जिससे उन्हें अधिक अवसर नहीं मिलते थे लेकिन अब अपने राज्य की अलग टीम होगी जिससे यहां के खिलाडय़िं को अधिक अवसर मिलेंगे। अंडर-19, अंडर-23 और सीनियर तीनों ग्रुपों की अलग टीमें होंगी जिससे खिलाडिय़ों को करियर बनाने का काफी मौके मिलेंगे। 
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- लियाकत अली, क्रिकेट कोच

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