मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज उत्तराखंड में भाजपा के सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। सीएम की कुर्सी पर उन्हें लगातार चार साल हो जाएंगे। ये उनके दो कार्यकालों के चार साल हैं, जिनमें उन्होंने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करके देश भर में विशेष पहचान बनाई और खूब सुर्खियां बटोरीं।
राष्ट्रीय फलक पर छाए फैसले, देश के लिए बने मॉडल
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चार साल के कार्यकाल में समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण रोकथाम कानून के संबंध में लिए गए फैसले राष्ट्रीय फलक पर छाए और देश के लिए मॉडल बने।
1. नकल रोधी कानून: नकल माफिया का कुचक्र तोड़ने के लिए फरवरी 2023 में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा में नकल रोकने के लिए( भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) कानून लागू किया। यह देश के लिए एक मॉडल नकल रोधी कानून बना।
2. यूसीसी हुआ लागू: 27 जनवरी 2025 से उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना। इसके बाद कुछ अन्य भाजपा शासित राज्यों ने भी यूसीसी के लिए पहल की। यूसीसी के तहत प्रदेश में दो लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
3. दंगाइयों से वसूली के लिए बनाया कानून: दंगा, हड़ताल, विरोध प्रदर्शन में सार्वजनिक व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवियों से बाजार भाव पर नुकसान की भरपाई के लिए 2024 से उत्तराखंड लोक एवं निजी संपत्ति क्षति वसूली कानून लागू किया।
4. गैंगस्टर एक्ट को बनाया सख्त: गैंगस्टर एक्ट में संशोधन करते हुए गो वध, मानव तस्करी, बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी, नकल माफिया, मनी लॉड्रिंग जैसे अपराधों को इसके दायरे में लाया गया। दोष सिद्ध होने पर 10 साल की गैर जमानती साज और 50 हजार रुपये तक जुर्माना प्रावधान किया गया।
5. राज्य आंदोलनकारियों और महिला को आरक्षण
धामी सरकार ने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को फिर से लागू किया। राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया।
धामी सरकार में इन फैसलों ने भी बटोरी सुर्खियां