आठ सितंबर तक यहां भेजें अपने सुझाव
इन सभी प्रस्तावों पर आयोग ने सभी हितधारकों, जनता से सुझाव मांगे हैं। आठ सितंबर तक अपने लिखित सुझाव सचिव, उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग, विद्युत नियामक भवन, आईएसबीटी के पास, देहरादून-248171 के अलावा secy.uerc@gov.in पर ई-मेल भी कर सकते हैं।
12 फर्मों का तर्क, कोविड के कारण पूरा न हो पाया निर्माण
सौर ऊर्जा नीति 2013 के अंतर्गत सोलर प्रोजेक्ट हासिल करने वाली 12 फर्मों को उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा अभिकरण (उरेडा) ने पुरानी सौर ऊर्जा नीति के तहत निविदा के माध्यम से 2019-20 में सोलर परियोजनाएं आवंटित की थीं। इन्हें करीब एक साल में अपनी परियोजनाएं तैयार करनी थी लेकिन कोविड के कारण पूरे नहीं कर पाए। इस साल 27 मार्च को नियामक आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इन सभी फर्मों की परियोजनाओं के आवंटन को रद्द कर दिया था। सभी ने नियामक आयोग में पुनर्विचार याचिका दायर की थीं, जिसे 24 जुलाई को आयोग ने खारिज कर दिया था। इनमें पीपीएम सोलर एनर्जी, एआर सन टेक, पशुपति सोलर एनर्जी, दून वैली सोलर पावर, मदन सिंह जीना, दारदौर टेक्नोलॉजी, एसआरए सोलर एनर्जी, प्रिस्की टेक्नोलॉजी, हर्षित सोलर एनर्जी, जीसीएस सोलर एनर्जी, देवेंद्र एंड संस एनर्जी, डेलीहंट एनर्जी के नाम शामिल हैं।