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शिशुओं के शव मिलने के मामले में जागी पुलिस

Tue, 17 Nov 2015 03:54 PM IST
राकेश शर्मा / अमर उजाला, देहरादून
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देहरादूप की शमशेरगढ़ नदी में मिले नवजात के शव के मामले में एसएसपी ने रायपुर पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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साथ ही डालनवाला में मिले नवजात के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर चिकित्सकों से राय मशविरा किया जा रहा है। अन्य मामलों का भी रिकॉर्ड खंगालकर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।

यह घटना इस लिहाज से ऐतिहासिक है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 317, 318 में 12 साल तक के बच्चे को लावारिस छोड़ने और पैदाइश छुपाने के लिए नवजात को फेंकने के मामले में दंड का प्रावधान होने के बावजूद उत्तराखंड पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती थी। केवल घटना का तस्करा (उल्लेख) जनरल डायरी में डालकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर रही थी।
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अमर उजाला ने हाल ही में यह मुद्दा उठाया था कि पुलिस के इस कदम से लिंग भेद के चलते नवजात को मरने के लिए लावारिस फेंकने वालों को फायदा मिल रहा है।

नवजात शिशुओं केलावारिस हालत में शव मिलने के मामले में अमर उजाला ने किसी तरह की कार्रवाई न करने पर पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे और 15 नवंबर के अंक में जन्मदाता ने ही ठुकराया, तो पुलिस क्यों सिर खपाए शीर्षक से रिपोर्ट प्रकाशित की थी।

इसके बाद खबर का संज्ञान लेते हुए एसएसपी सदानंद दाते ने नवजातों की मौत के मामले में पीएम रिपोर्ट तलब की थी। इसी आधार पर एसएसपी ने सोमवार को एक मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए। बता दें कि रायपुर थाना क्षेत्र के शमशेरगढ़ में करीब 24 दिन पहले नदी में एक नवजात का शव मिला था।

पुलिस इस मामले को अभी जांच में उलझाए हुए थी। एसएसपी ने बताया कि रायपुर पुलिस को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं, जबकि डालनवाला के रेसकोर्स रोड पर नवजात की मौत के कारणों को लेकर चिकित्सकों से राय मांगी गई है।
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दूसरे मामलों में भी पीएम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी सदाकांत दांते ने अमर उजाला को आश्वस्त किया है कि अब देहरादून में किसी भी नवजात के जिंदा या मृत मिलने पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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