सचिव राजस्व सुशील कुमार के मुताबिक स्वामित्व कार्ड में ग्राम पंचायत में रह रहे व्यक्ति की प्रत्येक संपत्ति का ब्योरा दर्ज होगा। ऐसे में संबंधित व्यक्ति को बैंक से इस कार्ड के आधार पर लोन भी मिल सकेगा।
योजना को लेकर हर सप्ताह दो बार बैठक
योजना को लेकर विभागों की भाग दौड़ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शासन के स्तर पर सप्ताह में दो बार इस योजना की समीक्षा हो रही है। इस योजना में राजस्व और पंचायत के साथ ही सर्वे ऑफ इंडिया भी शामिल है। लिहाजा, समन्वय बनाने पर खासा जोर दिया जा रहा है।
चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है काम
पहाड़ों में इस योजना को तैयार करने में सर्वे ऑफ इंडिया को खासी परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। पहाड़ में गांव अलग-अलग ऊंचाई पर बने हुए हैं। ऐसे में ड्रोन को उड़ाना और फोटोग्राफी करना भी खासा चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।