इस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली, हाईकोर्ट नैनीताल, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण, राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की ओर से गठित केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति एवं वन मंत्रालय भारत सरकार से भरतरी किसी भी प्रकार का पत्राचार नहीं करेंगे। इस तरह का कोई भी पत्राचार प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव के जरिये शासन के अनुमोदन के बाद किया जाएगा। इसके अलावा भरतरी वन विभाग के किसी भी कर्मचारी का तबादला, मुख्यालय के अंतर्गत कर्मचारी-अधिकारियों का कार्य विभाजन या कोई भी नीतिगत निर्णय शासन के अनुमोदन के बाद ही कर सकेंगे।
वन विभाग के सभी 14 अधिकारियों के तबादले रद्द कर दिए गए हैं, इसके लिए औचित्यपूर्ण प्रस्ताव मांगा गया है। कहा गया है इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाए, जहां जरूरत होगा, वहां तबादले किए जाएंगे।
- विजय कुमार यादव, सचिव वन विभाग