ई कैबिनेट और ई सचिवालय की परियोजना को जमीन उतारने में एनआईसी और प्रदेश सरकार का सूचना प्रौद्योगिकी विभाग अहम भूमिका निभा रहे हैं। एनआईसी ने साफ्टवेयर तैयार करने के साथ ही इसके संचालन की ट्रेनिंग का भी प्रबंध किया है।
आईटी विभाग के अंतर्गत सूचना प्रौद्योगिकी विकास अभिकरण (आईटीडीए) ने सचिवालय के 70 अनुभाग चिन्हित किए हैं, जिनमें से 50 अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के तौर पर तैयार किया है। अब ये मास्टर ट्रेनर सचिवालय कर्मियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। प्रदेश सरकार का छह महीने में सचिवालय के कामकाज को पूरी तरह से पेपरलेस बनाने का है। इसके बाद सरकार विभागों को पेपरलेस बनाने के अभियान में जुटेगी।
ई कैबिनेट होने से पेपरलेस व्यवस्था को बल मिलेगा। कागज की बचत होगी। साथ ही कार्यप्रणाली समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।- मदन कौशिक, शासकीय प्रवक्ता
ई सचिवालय की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सचिवालय में ई आफिस शुरू करने से पहले मास्टर ट्रेनर बनाए गए हैं, जो सचिवालय कर्मियों को ई आफिस पर कार्य करने के लिए दक्ष करेंगे। प्रयास है कि जनवरी के पहले हफ्ते में पायलट आधार पर ई आफिस को शुरू किया जाए। - आरके सुधांशु, सचिव, आईटी