मांग 2 - जब तक जांच चल रही है, तब तक परीक्षाएं न हों।
जवाब : इसका दूसरा पक्ष भी है। जो प्रतिनिधिमंडल हमें मिला, हो सकता है कि उसके साथ एक लाख युवा सदस्य होंगे। लेकिन प्रदेश में 10 लाख बेरोजगार हैं। एक लाख युवा कहते हैं कि सारी परीक्षाएं स्थगित कर दें, लेकिन जो नौ लाख युवा इस उम्मीद में हैं कि उन्हें नौकरियां मिलेंगी, परीक्षा रद्द होने से उन्हें बहुत निराशा होगी। अब तक हमने देखा है कि जो परीक्षा स्थगित या निरस्त हुई, उसकी प्रतिक्रिया भी बहुत नकारात्मक होती है। जो युवा मेहनत से तैयारी कर रहे होते हैं, उन्हें बहुत निराशा होती है।
मांग 3 - भर्ती परीक्षाओं में धांधली की सीबीआई जांच हो।
जवाब : यदि एक जांच निष्पक्ष तरीके से चल रही है, तो उस जांच को खत्म करके कोई दूसरी जांच कराने का औचित्य है कि नहीं, उच्च स्तर पर विचार हो जाएगा। मैंने युवाओं से कहा कि अभी जांच हो रही है, वह सही दिशा में है। उसमें आरोपी जेल भी गए हैं। उसके बाद यदि आप कहते हैं कि जांच सही नहीं है, तो जो लोग जेल में हैं, उन्हें क्या छोड़ देंगे? मतलब उन्हें क्लीन चिट दे देंगे। इसका औचित्य होना चाहिए।
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मजिस्ट्रियल जांच में जो दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी
मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के बृहस्पतिवार को ही निर्देश दे दिए थे। मंगलवार रात और बृहस्पतिवार दिन की घटना में यदि पुलिस और प्रशासन की कोई कमी रही है तो जांच में यह सब निकल कर आएगा। मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि उसमें बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे। मामले में कोई अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल है तो उसके विरुद्ध भी कार्रवाई होगी।