हाईकोर्ट के सख्त रुख के कारण सरकार पर जल्द चुनाव कराने का भी दबाव है। इसी दबाव के नतीजतन सरकार ने चुनाव कराने के लिए खुद ही एक डेड लाइन तय की है। इसी के अनुसार तेजी से काम चल रहा है। पंचायतीराज विभाग के अपर सचिव/निदेशक हरि चंद्र सेमवाल ने बताया कि आरक्षण की प्रक्रिया को पूरा करके उसे रविवार को राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दिया गया है।
अपने स्तर के कई काम आयोग भी कर चुका पूरे
पंचायत चुनाव को लेकर भले ही कितना असमंजस रहा हो, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग ने भी अपने हिस्से के कई कार्यों को समय से पूरा कर लिया है। आयोग ने 66 हजार से ज्यादा पदों के लिए मतपत्र अग्रिम तौर पर छपवा लिए हैं। आयोग ने ढाई करोड़ मतपत्र छपवाकर उन्हें जिलों में भी भेज दिया है।
चुनाव के दौरान अहम भूमिका में रहने वाले अफसरों के लिए निर्देशिका पुस्तिका भी छपकर तैयार है, जिसे जिलों में भेजने की तैयारी है। इससे पहले, 12 जुलाई को ही राज्य निर्वाचन आयोग वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन कर चुका है। हालांकि आंशिक बदली हुई स्थितियों में ऊधमसिंह नगर और अल्मोड़ा जिले के कुछ क्षेत्रों में वोटर लिस्ट संशोधित करने का काम फिर से चल रहा है।