मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व निरीक्षक चंद्रमोहन नगवाण, उपनिरीक्षक राजेंद्र आर्य एवं चंद्र विकास रात को ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। बुधवार सुबह मौके पर पहुंची राजस्व पुलिस ने ग्रामीणों को बताया कि आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
इसके बाद ग्रामीण कुछ शांत हुए। तहसीलदार प्रेमबल्लभ नौटियाल ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि मृतक टीका सिंह मंगलवार दिन में अपने घर पर था। इस दिन ग्राम प्रधान की जीत की खुशी में गांव में पार्टी का आयोजन किया गया था। टीका सिंह जीते हुए प्रधान का समर्थक बताया जा रहा है। प्रधान पद के पराजित प्रत्याशी के समर्थक सुंदर लाल ने शाम करीब छह बजे टीका सिंह को घर से बुलाया। इस दौरान उनके बीच चुनाव को लेकर पहले कहासुनी और फिर मारपीट हो गई, जिसमें टीका सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया।
उन्होंने बताया कि मृतक के भाई जगवीर सिंह की तहरीर के आधार पर सुंदर लाल एवं बुद्धि सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। तहसीलदार ने कहा कि प्रथमदृष्टया यह मामला चुनावी रंजिश का लग रहा है। मामले की पड़ताल की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को बृहस्पतिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।