66 हजार आवास बनाने का लक्ष्य, सात हजार ही बने
केंद्र सरकार ने प्रदेश में शहरी गरीबों के लिए (मलिन बस्तियों से अलग) 2015 से 2022 तक 66 हजार आवास बनाने का लक्ष्य दिया था। इसके सापेक्ष 63 हजार आवासों का प्रस्ताव ही केंद्र को भेजा जा सका। इनमें से सात साल में सात हजार आशियाने ही बन पाए। तीन हजार आवास बनने के करीब हैं। अब करीब 53 हजार आशियाने सरकार को दिसंबर 2024 तक बनाने हैं जो कि बेहद चुनौतीपूर्ण काम है।
केंद्र ने बढ़ाया है योजना का बजट, अवधि बढ़ाई
केंद्र सरकार ने पीएम आवास योजना की अवधि दिसंबर 2024 तक बढ़ा दी है। साथ ही सरकार ने इस साल आम बजट में पीएम आवास योजना का बजट 66 प्रतिशत बढ़ा दिया है। इससे परियोजनाएं बनाने में आसानी होगी तो लाभार्थियों को ग्रांट आसानी से मिल सकेगी।
मुंबई में धारावी बस्ती का हो रहा पुनर्वास
पीएम आवास योजना के तहत मुंबई की सबसे बड़ी बस्ती धारावी का पुनर्वास हो रहा है। इसके लिए पुनर्वास योजना शुरू की गई है, जिसमें 59,165 परिवारों का पुनर्वास किया जाएगा।
पीएम आवास योजना में मलिन बस्तियों का कोई भी प्रस्ताव 2015-2022 के बीच नहीं आया। अब केंद्र सरकार ने योजना से मलिन बस्तियों को बाहर कर दिया है।
- आनंदबर्द्धन, अपर मुख्य सचिव, शहरी विकास।
पीएम आवास योजना के तहत मलिन बस्तियों के पुनर्वास की योजना पीपीपी मोड में संचालित होनी थी। दूसरा इसके लिए मलिन बस्तियों का मान्य होना जरूरी था। इन दो वजहों से इसमें प्रस्ताव नहीं आ पाए।
-राजीव पांडे, सहायक निदेशक, शहरी विकास।