बता दें कि एक याचिका पर नैनीताल उच्च न्यायालय ने सरकार को आदेश दिए थे कि वो सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों से उनके कार्यकाल का किराया बाजार दर पर वसूल करे। इसके बाद सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को किराया वसूली का नोटिस जारी कर दिया था।
इस मामले में दो पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और विजय बहुगुणा ने अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। न्यायालय ने दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो कोश्यारी पर सरकार का 47 लाख रुपये और बहुगुणा पर 37 लाख रुपये किराया बकाया है।
प्रदेश सरकार जो अध्यादेश लाई है, उसमें पूर्व मुख्यमंत्रियों को बड़ी राहत दी गई है। मसलन, इस अध्यादेश के प्रभावी होने के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्रियों को समस्त सुविधाएं (सुरक्षा गार्ड को छोड़कर) दी जाती रहेंगी। आवास आवंटन की तिथि से सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर ही किराया वसूला जाएगा।
यानी उन्हें बाजार दर से किराया नहीं देना होगा। अध्यादेश के प्रभावी होने के साथ ही किसी अन्य अधिनियम या न्यायालय का कोई निर्णय, डिक्री या आदेश या दिशा-निर्देश लागू नहीं होगा।