शासन स्तर से उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में तैनात जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) और बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीबीपीओ) की एक तबादला सूची बृहस्पतिवार देर रात जारी हुई। प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी के हस्ताक्षर से जारी इस सूची में कुल आठ अधिकारियों के नाम थे। मगर हैरानी की बात यह है कि विभागीय मंत्री रेखा आर्या, जिनके अनुमोदन से यह सूची जारी होनी चाहिए उन्हें इसकी भनक तक नहीं मिली। शुक्रवार की शाम जब उन्हें सूचना मिली तो आनन-फानन में सूची निरस्त कर दी गई।
तबादलों के क्रम में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में तैनात डीपीओ और सीबीपीओ के तबादले को लेकर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग में मंथन चल रहा था। सूत्रों की मानें तो बृहस्पतिवार देर रात अचानक सात डीपीओ और एक सीबीपीओ की सूची शासन स्तर से जारी हो गई। इधर शुक्रवार सुबह मंत्री रेखा आर्या को विभिन्न जरियों से तबादलों की जानकारी मिलना शुरू हुई।
मंत्री के स्तर से तबादला सूची तलब की गई तो बात पुख्ता हो गई। नाराज मंत्री ने तत्काल आदेश जारी करने वाले अफसरों से बात की। इसके साथ ही उन्होंने इस सूची को रद करने के आदेश जारी किए। मुख्य सचिव को भी फोन करके उन्होंने इस बाबत जानकारी दी। सूत्रों की मानें तो सूची जानबूझकर ऐसे वक्त पर जारी की गई, जब सचिवालय दो दिन के लिए बंद है।