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उत्तराखंड: जिला मुख्यालयों पर गरजे अधिकारी-कर्मचारी, बेमियादी हड़ताल की चेतावनी

Wed, 22 Jan 2020 08:41 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • आठ सूत्रीय मांग पत्र को लेकर परेड ग्राउंड में किया धरना-प्रदर्शन 
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच के बैनर तले प्रदेश भर में कर्मचारियों ने आठ सूत्रीय मांग पत्र को लेकर जिला मुख्यालयों पर जोरदार नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया और कई घंटों तक धरना दिया। इस दौरान उन्होंने जिलों के अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिए। मांगें पूरी न होने पर उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी। राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल पर बड़ी संख्या जुटे कर्मचारी खूब गरजे। इस अवसर पर आयोजित सभा में मंच के नेताओं ने कर्मचारियों का 27 जनवरी को प्रस्तावित महा रैली में बढ़-चढ़कर शिरकत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इसी दिन मंच हड़ताल का ऐलान होगा।

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बुधवार को सुबह 11 बजे बड़ी संख्या में कर्मचारी परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल पर इकट्ठा हुए और धरने पर बैठ गए। उन्होंने जमकर नारेबाजी की। कुछ देर तक प्रदर्शन करने के बाद वहां सभा शुरू हुई। सभा में मंच के नेताओं ने कहा कि सरकार उन्हें आंदोलन करने को मजबूर कर रही है। एक आंदोलन उन्होंने मांगों को मनवाने के लिए लड़ा। इन मांगों पर वित्त मंत्री स्वर्गीय प्रकाश पंत से हुई वार्ता में सहमति बनी तो सरकार ने इनके शासनादेश जारी नहीं किए। अब दूसरा आंदोलन इन मांगों के शासनादेश जारी कराने को लेकर लड़ा जा रहा है।

उन्होंने चेताया कि यदि हड़ताल की नौबत आती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। सभा को मंच के मुख्य संयोजक नवीन कांडपाल, सचिव संयोजक सुनील दत्त कोठारी, उत्तराखंड पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार, उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष हरीश चंद्र नौटियाल, राजकीय वाहन चालक महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष अनंत राम शर्मा, सिंचाई विभाग कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष रमेश रमोला, जिला देहरादून के मुख्य संयोजक पंचम सिंह बिष्ट, मंच के प्रदेश प्रवक्ता पूर्णानंद नौटियाल ने संबोधित किया। संचालन सुभाष देवलियाल और सुभाष रतूड़ी ने किया।
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इन प्रमुख मांगों को लेकर नाराज हैं कर्मचारी 
पदोन्नति पर तत्काल रोक हटाई जाए
यू हेल्थ कार्ड की सुविधा जल्द लागू हो
शिथिलीकरण की पूर्व व्यवस्था यथावत रहे
पूरे सेवाकाल में न्यूनतम तीन प्रमोशन मिले
10, 16 व 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति वेतनमान अनिवार्य रूप से दिया जाए
एक अक्तूबर 2005 के बदा नियुक्त कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन की व्यवस्था बहाल हो
तबादला कानून में रिटायरमेंट के अंतिम वर्ष में ऐच्छिक तबादले का प्रावधान हो
विभिन्न संवर्गीय संगठनों के साथ हुए समझौतों के अनुरूप शासनादेश जारी हों

मंच के आह्वान पर पूरे प्रदेश के कर्मचारियों ने जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया। कार्यक्रम पूरी तरह से सफल रहा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में जुटे कर्मचारियों की भीड़ ने अपनी नाराजगी के संकेत दे दिए हैं। सरकार को कर्मचारियों की भावनाओं को समझना चाहिए और सहमति के बिंदुओं पर शासनादेश जारी करना चाहिए।
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- नवीन कांडपाल, मुख्य संयोजक, अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच

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