प्रदेश में 75 विद्यालय बगैर मान्यता के चल रहे हैं। विभाग की ओर से इन सभी स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं। शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के मुताबिक इन स्कूलों की जांच कर यह देखा जा रहा है कि इन स्कूलों ने मान्यता के लिए आवेदन किया या नहीं।
यदि स्कूल बिना आवेदन के ही चल रहे हैं तो इनसे जुर्माना वसूलने के साथ ही इन स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। टिहरी जनपद में इस साल एक प्राइवेट स्कूल के प्राइवेट वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से नौ बच्चों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद शिक्षा विभाग को बगैर मान्यता के चल रहे स्कूलों की याद आयी।
हादसे के बाद विभागीय अधिकारियों को इस तरह के स्कूल चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। अपर शिक्षा निदेशक गढ़वाल मंडल महावीर सिंह बिष्ट ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को बगैर मान्यता के चल रहे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
अपर निदेशक की ओर से जारी निर्देश में कहा गया कि बगैर मानकों के चलने वाले स्कूलों के प्रबंधकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। अपर निदेशक के निर्देश के बाद अब तक प्रदेश में 75 स्कूल बगैर मान्यता के मिले हैं।
शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के मुताबिक बगैर मान्यता के चल रहे इन स्कूलों के मामलों में यह देखा जा रहा है कि कितने स्कूलों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है। वहीं कितने स्कूल बगैर मानकों को पूरा किए चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के स्कूलों के मामलों में स्कूल प्रबंधक से एक लाख रुपये तक का जुर्माना वसूला जा सकता है। वहीं जरूरत पड़ने पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।