नगर पालिका हरबर्टपुर से अध्यक्ष पद की कांग्रेस प्रत्याशी याामिनी रोहिला एक बार फिर से चुनाव से बाहर हो गई हैं। उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय की डबल बेंच के उनके चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने के निर्णय पर रोक लगा दी है। 28 दिन बाद मामले में अगली सुनवाई होनी है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने डबल बेंच के आदेश को उच्चतम न्यायालय पर चुनौती दी थी। नगर पालिका हरबर्टपुर का चुनाव उसी करवट बैठ गया जहां से शुरूआत हुई थी। नगरपालिका अध्यक्ष पद की कांग्रेस प्रत्याशी यामिनी रोहिला के जाति प्रमाण पत्र को लेकर आपत्ति दर्ज की गई थी। रिटर्निंग अफसर ने तहसीलदार से जाति प्रमाण पत्र की जांच करवाई थी। तहसीलदार ने जाति प्रमाण पत्र को संदिग्ध बताया था।
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एक जनवरी को रिटर्निंग अफसर ने तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन को निरस्त कर दिया था। उसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। सात जनवरी को उच्च न्यायालय ने अपील को खरिज कर दिया था। उसके बाद यामिनी ने आदेश के खिलाफ डबल बेंच में अपील की थी। 10 जनवरी को सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने नामांकन निरस्त करने को गलत ठहराते हुए उन्हें चुनाव में भाग लेने के निर्देश दिए थे।
वहीं, चुनाव परिणाम को याचिका के अंतिम निर्णय तक अपने अधीन रखा था। डबल बेंच के आदेश को जिला निर्वाचन अधिकारी ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी। सोमवार को न्यायामूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वरले ने मामले में सुनवाई करते हुए डबल बेंच के आदेश पर रोक लगा दी। न्यायालय ने चार सप्ताह बाद सुनवाई की तिथि तय की है।