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उत्तराखंड निकाय चुनाव: 7 में से 4 सीटों पर महिलाओं को मिली नगर निगम की कमान, 3 में बनीं पहली मेयर

Wed, 21 Nov 2018 09:43 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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ऊषा चौधरी/अनीता शर्मा/अनीता मंमगाई/ऊषा चौधरी
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उत्तराखंड में निकाय चुनाव के नतीजे आने के बाद चार निगमों की कमान महिला शक्ति के हाथों में आ गई है। हरिद्वार, कोटद्वार, और ऋषिकेश नगर निगम में पहली बार जनता ने महिलाओं पर भरोसा किया। वहीं, काशीपुर की कमान लगातार मेयर रहीं ऊषा चौधरी के हाथों में ही दी। 

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हरिद्वार नगर निगम में करीब 24 घंटे चली मैराथन मतगणना में हरिद्वार की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए कांग्रेस की अनीता शर्मा पहली महिला मेयर चुुनी गई हैं। 59,672 मत प्राप्त कर उन्होंने भाजपा की अन्नू कक्कड़ को 3467 मतों से हराया। अन्नू कक्कड़ को 56,205 वोट मिले। मेयर पद पर सात प्रत्याशी मैदान में थे। अन्य पांच प्रत्याशी कुल छह हजार वोट ही पा सके। 18 नवंबर को हुए मतदान में मेयर पद के लिए एक लाख 30 हजार 42 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया था।

मंगलवार सुबह आठ बजे भल्ला इंटर कॉलेज में शुरू हुई मतगणना तमाम उतार-चढ़ाव के बाद बुधवार सुबह नौ बजे पूरी हुई। इस दौरान कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला रहा। एक दूसरे को मात देते हुए दोनों प्रत्याशी आगे पीछे होती रहीं। कांग्रेस की अनीता शर्मा दसवें चरण के अंत में 59,672 वोट हासिल विजयी घोषित की गईं। भाजपा प्रत्याशी अन्नू कक्कड़ को उन्होंने 3467 मतों से हराया। इसके अलावा बसपा प्रत्याशी निर्मला देवी को 3720, आम आदमी पार्टी प्रत्याशी हेमा भंडारी को 1005, उत्तराखंड क्रांति दल की प्रत्याशी सरिता पुरोहित को मात्र 528 मतों से ही संतोष करना पड़ा। 
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उत्तराखंड डेमोक्रेटिक की संगीता बंसल को 220 और निर्दलीय शिबा खान को 596 वोट मिले। 809 लोगों ने सभी प्रत्याशियों को नकारते हुए नोटा पर मुहर लगाई। खास बात यह रही कि 7287 वोट निरस्त किए गए। रिटर्निंग अफसर बीके मिश्रा ने कांग्रेस प्रत्याशी अनीता शर्मा को निर्वाचित घोषित कर प्रमाणपत्र दिया। परिणाम घोषित होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी करते मिठाई बांट खुशी मनाई। नवनिर्वाचित मेयर अनीता शर्मा, उनके पति अशोक शर्मा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. संजय पालीवाल, पूर्व विधायक अंबरीष कुमार, पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, प्रदीप चौधरी आदि ने अनीता शर्मा की जीत को हरिद्वार की जनता के नाम समर्पित करते हुए कहा कि इस जीत के माध्यम से जनता ने भाजपा सरकार के खिलाफ जनादेश दिया है।

ऋषिकेश नगर निगम में भाजपा प्रत्याशी अनीता मंमगाई ने 11168 वोट के अंतर से जीत लिया है। अनीता मंमगाई को कुल 26403 मत मिले। ऋषिकेश नगर निकाय चुनाव में करीब 15 साल बाद जीत हासिल करने पर भाजपा ने जश्न की रही सही कसर बुधवार को पूरी कर दी। पूरा नगर भगवामय हो गया। राष्ट्रवादी धुन, नारंगी लिबास, भाजपाई झंडे और हवा में उड़ते अबीर गुलाल की छटा ऐसी बिखरी कि हर कोई देखता ही रह गया। ये आकर्षक नजारा नगर निगम ऋषिकेश की पहली मेयर बनीं अनिता ममगाई के विजय जुलूस का था।

बुधवार को करीब तीन बजे मेयर अनिता ममगाई रथनुमा वाहन पर सवार सवार होकर पुराने बस अड्डे से निकलीं। उनके पीछे लग्जरी गाड़ियों का काफिला था। आगे और पीछे डीजे लदे वाहन राष्ट्रवादी से लेकर बीच-बीच में फिल्मी धुनों से माहौल को वीर रस में तब्दील कर रहे थे। जुलूस पुराने बस अड्डे से शुरू होकर तिलक रोड, हरिद्वार रोड, घाट रोड, सुभाष चौक, क्षेत्र रोड, मेन बाजार, दून तिराहा, नटराज चौक, प्रगति विहार, इंद्रा नगर, रेलवे रोड होते हुए गुजरा।  

वहीं, काशीपुर में एक बार फिर कमल का फूल खिल गया। नगर निगम मेयर पद भाजपा प्रत्याशी ऊषा चौधरी एक बार फिर मेयर बनीं। मेयर की पांच राउंड की गिनती में सिर्फ दूसरे राउंड में कांग्रेस ने 241 मतों से बढ़त बनाई। जबकि चार राउंड में भाजपा ने बढ़त बनाकर चुनाव जीत लिया। काशीपुर नगर निगम से मेयर पद पर भाजपा प्रत्याशी ऊषा चौधरी ने 5472 वोटों से जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस की मुक्ता सिंह को हराया। ऊषा चौधरी को 44193 और मुक्ता सिंह को 38721 वोट मिले। 

कोटद्वार नगर निगम का पहला चुनाव भी रोमांचक रहा। मेयर और पार्षद पदों के लिए एक लाख चार हजार 30 मतदाताओं में से 68040 ने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें जहां एक ओर 252 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया, वहीं, 3285 वोट कई कारणों से अवैध घोषित किए गए। मंगलवार देर रात तक चली मतगणना में भाजपा की बागी निर्दलीय प्रत्याशी विभा चौहान की कड़ी टक्कर के चलते अंतिम चक्र तक स्थिति दुविधाजनक बनी रही। हालांकि अंत में मेयर की सीट कांग्रेस की झोली में चली गई।  
 
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कोटद्वार की जनता ने नगर निगम की पहली मेयर का ताज कांग्रेस प्रत्याशी हेमलता नेगी के सिर पर सजा दिया है। कांग्रेस प्रत्याशी हेमलता नेगी ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा की बागी निर्दलीय प्रत्याशी विभा चौहान को 1568 वोट के अंतर से पराजित किया। दरअसल, मेयर सीट के लिए हुई मतगणना शुरू से ही रोमांचक रही। पहले चक्र से ही कांग्रेस प्रत्याशी हेेमलता नेगी बढ़त बनाए रही, लेकिन बढ़त का अंतर ऊपर-नीचे होता रहा। भाजपा प्रत्याशी नीतू चौहान 11386 वोटों पर ही सिमट गई। यूकेडी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ी उषा सजवाण ने इस चुनाव में 1201 वोट हासिल किए। उषा सजवाण की पारिवारिक पृष्ठभूमि आरएसएस और हिंदू संगठनों से जुड़ी है। भाजपा की दूसरी बागी पूर्व पालिकाध्यक्ष शशि नैनवाल 557 और पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुधा सती 923 वोट ही ले पाई। बसपा की प्रत्याशी शोभा बहुगुणा भंडारी केवल 634 वोट ही हासिल कर पाई। वह बसपा के कैडर वोट के पांच फीसदी वोट पर ही सिमट गई।  
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