ऋषिकेश नगर निगम में भाजपा प्रत्याशी अनीता मंमगाई ने 11168 वोट के अंतर से जीत लिया है। अनीता मंमगाई को कुल 26403 मत मिले। ऋषिकेश नगर निकाय चुनाव में करीब 15 साल बाद जीत हासिल करने पर भाजपा ने जश्न की रही सही कसर बुधवार को पूरी कर दी। पूरा नगर भगवामय हो गया। राष्ट्रवादी धुन, नारंगी लिबास, भाजपाई झंडे और हवा में उड़ते अबीर गुलाल की छटा ऐसी बिखरी कि हर कोई देखता ही रह गया। ये आकर्षक नजारा नगर निगम ऋषिकेश की पहली मेयर बनीं अनिता ममगाई के विजय जुलूस का था।
बुधवार को करीब तीन बजे मेयर अनिता ममगाई रथनुमा वाहन पर सवार सवार होकर पुराने बस अड्डे से निकलीं। उनके पीछे लग्जरी गाड़ियों का काफिला था। आगे और पीछे डीजे लदे वाहन राष्ट्रवादी से लेकर बीच-बीच में फिल्मी धुनों से माहौल को वीर रस में तब्दील कर रहे थे। जुलूस पुराने बस अड्डे से शुरू होकर तिलक रोड, हरिद्वार रोड, घाट रोड, सुभाष चौक, क्षेत्र रोड, मेन बाजार, दून तिराहा, नटराज चौक, प्रगति विहार, इंद्रा नगर, रेलवे रोड होते हुए गुजरा।
वहीं, काशीपुर में एक बार फिर कमल का फूल खिल गया। नगर निगम मेयर पद भाजपा प्रत्याशी ऊषा चौधरी एक बार फिर मेयर बनीं। मेयर की पांच राउंड की गिनती में सिर्फ दूसरे राउंड में कांग्रेस ने 241 मतों से बढ़त बनाई। जबकि चार राउंड में भाजपा ने बढ़त बनाकर चुनाव जीत लिया। काशीपुर नगर निगम से मेयर पद पर भाजपा प्रत्याशी ऊषा चौधरी ने 5472 वोटों से जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस की मुक्ता सिंह को हराया। ऊषा चौधरी को 44193 और मुक्ता सिंह को 38721 वोट मिले।
कोटद्वार नगर निगम का पहला चुनाव भी रोमांचक रहा। मेयर और पार्षद पदों के लिए एक लाख चार हजार 30 मतदाताओं में से 68040 ने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें जहां एक ओर 252 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया, वहीं, 3285 वोट कई कारणों से अवैध घोषित किए गए। मंगलवार देर रात तक चली मतगणना में भाजपा की बागी निर्दलीय प्रत्याशी विभा चौहान की कड़ी टक्कर के चलते अंतिम चक्र तक स्थिति दुविधाजनक बनी रही। हालांकि अंत में मेयर की सीट कांग्रेस की झोली में चली गई।
कोटद्वार की जनता ने नगर निगम की पहली मेयर का ताज कांग्रेस प्रत्याशी हेमलता नेगी के सिर पर सजा दिया है। कांग्रेस प्रत्याशी हेमलता नेगी ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा की बागी निर्दलीय प्रत्याशी विभा चौहान को 1568 वोट के अंतर से पराजित किया। दरअसल, मेयर सीट के लिए हुई मतगणना शुरू से ही रोमांचक रही। पहले चक्र से ही कांग्रेस प्रत्याशी हेेमलता नेगी बढ़त बनाए रही, लेकिन बढ़त का अंतर ऊपर-नीचे होता रहा। भाजपा प्रत्याशी नीतू चौहान 11386 वोटों पर ही सिमट गई। यूकेडी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ी उषा सजवाण ने इस चुनाव में 1201 वोट हासिल किए। उषा सजवाण की पारिवारिक पृष्ठभूमि आरएसएस और हिंदू संगठनों से जुड़ी है। भाजपा की दूसरी बागी पूर्व पालिकाध्यक्ष शशि नैनवाल 557 और पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुधा सती 923 वोट ही ले पाई। बसपा की प्रत्याशी शोभा बहुगुणा भंडारी केवल 634 वोट ही हासिल कर पाई। वह बसपा के कैडर वोट के पांच फीसदी वोट पर ही सिमट गई।