भाजपा ने इस बार लोहाघाट नगर पंचायत को छोड़ शेष तीन नगर निकायों में नए चेहरों को मैदान में उतारा था। इन नए चेहरों में चंपावत और बनबसा के प्रत्याशी डेढ़ साल पूर्व ही कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए थे।
पार्टी के एक वर्ग में इसे लेकर भी नाराजगी थी। ऐसे मे प्रत्याशी चयन पर सवाल उठा था। इसी से भितरघात की राह भी बनी। लोहाघाट और टनकपुर के दो नेताओं ने नगर निकाय में टिकट नहीं मिलने पर इस्तीफा देकर चुनाव लड़ा और मैदान मारा।