उन्होंने कहा कि ये सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आयोग को सूचना भेजी जा सकेगी। स्पष्ट है कि सरकार के स्तर पर ही परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रिया में 20 से 25 दिन और लगेंगे जिससे निर्धारित समय पर चुनाव संभव नहीं हो पाएंगे। इस हिसाब से चुनाव मई माह के अंतिम सप्ताह या जून माह के पहले हफ्ते में संभव है।
न आरक्षण न परिसीमन, समय पर चुनाव कैसे होंगे
राज्य चुनाव आयुक्त सुबर्द्धन ने कहना है कि आयोग बार-बार इस बात पर जोर देता रहा कि निकायों का जो सीमा विस्तार व उच्चीकरण हुआ,उससे चुनाव समय पर नहीं हो पाएंगे। लेकिन शासन की ओर से आश्वस्त किया जा रहा था कि वह सब कुछ समय पर करके दे देगा और समय पर चुनाव होंगे।
आज स्थिति यह है कि प्रदेश में न तो परिसीमन का काम पूरा हुआ न आरक्षण का। अभी तक ये दोनों काम शासन स्तर पर पूरे नहीं हैं। ऐसे हालातों में चुनाव समय पर कराना संभव नहीं है।