यही नहीं प्रोजेक्ट के दौरान कोठियाल और उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव रहे राकेश शर्मा का अराकन आर्मी ने अपहरण भी कर लिया था। उसके बावजूद कोठियाल ने हिम्मत नहीं हारी और वह इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में जुटे हुए हैं।
भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण इस प्रोजेक्ट से भारत-म्यांमार के संबंध बेहतर होने की उम्मीद है, जिससे चीन को कूटनीतिक झटका लग सकता है। कर्नल अजय कोठियाल ने फेसबुक पोस्ट के जरिये उत्तराखंडवासियों को भावनात्मक संदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट में केदारनाथ पुनर्निर्माण से भी अधिक चुनौतियां हैं। खतरनाक जंगल, जानलेवा मलेरिया, जहरीले सांप-बिच्छू, बहुत तेज बरसात और अत्यधिक गर्मी इस इलाके के मौसम की खासियत हैं। उनके साथ हर रोज कई घटनाएं भी घटती रहती हैं। उन्होंने लिखा कि उत्तराखंड के युवा केदारनाथ पुनर्निर्माण में हमारे साथ थे और आज भी हमारे साथ हैं। कर्नल कोठियाल ने कहा कि वह जल्द ही प्रोजेक्ट को पूरा कर वापस उत्तराखंड लौटेंगे।