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म्यांमार आर्मी और अराकन आर्मी की गोलीबारी के बीच म्यांमार में सड़क बना रहे उत्तराखंड के युवा

Wed, 02 Sep 2020 01:47 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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म्यांमार का राष्ट्रीय ध्वज - फोटो : सोशल मीडिया
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म्यांमार आर्मी और अराकन आर्मी की गोलीबारी के बीच उत्तराखंड के युवा म्यांमार में सड़क निर्माण के काम पर जुटे हुए हैं। बेहद जटिल परिस्थितियों में केदारनाथ पुनर्निर्माण का काम सफलतापूर्वक करने वाले कर्नल अजय कोठियाल को भारत सरकार ने इस प्रोजेक्ट की कमान सौंपी है। उनके साथ उत्तराखंड के कई युवा भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में दिन-रात जुटे हुए हैं।

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भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत म्यांमार में अंतरराष्ट्रीय रोड कंस्ट्रक्शन किया जा रहा है, जिसका नाम कालादन मल्टीमॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट है। जिस इलाके में यह सड़क बनाई जा रही है, वहां म्यांमार आर्मी और अराकन आर्मी के बीच आए दिन गोलीबारी होती रहती है। इसके अलावा वहां मौसम भी बेहद खराब है।

ऐसे मुश्किल हालातों में भी कर्नल कोठियाल के नेतृत्व में उनकी पूरी टीम इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में जुटी हुई है।

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केदारनाथ पुनर्निर्माण से भी अधिक चुनौतियां

यही नहीं प्रोजेक्ट के दौरान कोठियाल और उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव रहे राकेश शर्मा का अराकन आर्मी ने अपहरण भी कर लिया था। उसके बावजूद कोठियाल ने हिम्मत नहीं हारी और वह इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में जुटे हुए हैं।

भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण इस प्रोजेक्ट से भारत-म्यांमार के संबंध बेहतर होने की उम्मीद है, जिससे चीन को कूटनीतिक झटका लग सकता है। कर्नल अजय कोठियाल ने फेसबुक पोस्ट के जरिये उत्तराखंडवासियों को भावनात्मक संदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट में केदारनाथ पुनर्निर्माण से भी अधिक चुनौतियां हैं। खतरनाक जंगल, जानलेवा मलेरिया, जहरीले सांप-बिच्छू, बहुत तेज बरसात और अत्यधिक गर्मी इस इलाके के मौसम की खासियत हैं। उनके साथ हर रोज कई घटनाएं भी घटती रहती हैं। उन्होंने लिखा कि उत्तराखंड के युवा केदारनाथ पुनर्निर्माण में हमारे साथ थे और आज भी हमारे साथ हैं। कर्नल कोठियाल ने कहा कि वह जल्द ही प्रोजेक्ट को पूरा कर वापस उत्तराखंड लौटेंगे।
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