काठगोदाम थाना क्षेत्र निवासी आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता का 17 वर्षीय पुत्र भोटिया पड़ाव में ठंडी सड़क स्थित श्री गुरु तेग बहादुर इंटर कॉलेज में 12वीं कक्षा का छात्र है। बृहस्पतिवार को प्री-बोर्ड की परीक्षाएं खत्म हुई थीं। शुक्रवार को अवकाश था। आप कार्यकर्ता का बेटा शुक्रवार सुबह दस बजे कॉलेज के गेट पर खड़ा था। उसके साथ उसका साथी भी था। पुलिस के अनुसार इसी बीच वहां बाइक सवार दो किशोर पहुंचे। तभी अचानक 10-12 लड़कों का हुजूम भी पहुंच गया और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई।
बाइक से आए किशोर ने चाकू निकालकर लड़कों के हुजूम पर हमला कर दिया। आप कार्यकर्ता के बेटे की जांघ पर चाकू लगा जिससे वह लहूलुहान हो गया। उसका साथी भी हाथ पर चाकू लगने से घायल हो गया। लहूलुहान छात्र जान बचाने के लिए भागा। वह बमुश्किल 20 मीटर तक ही दौड़ पाया और बेहोश होकर गिर गया। इस दौरान हमलावर किशोर चाकू लहराकर दूसरे किशोरों को डराते-धमकाते रहे और फिर फरार हो गए।
सूचना पर पहुंचे कोतवाल हरेंद्र चौधरी घायलों को भोटिया पड़ाव स्थित निजी अस्पताल ले गए। हालत गंभीर देख उसे नैनीताल रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जबकि उसके साथी को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी सिटी हरबंस सिंह, सीओ नैनीताल विभा दीक्षित भी अस्पताल पहुंचे और घायल के साथियों व अन्य लोगों से पूछताछ की।
चार घंटे के भीतर तीन आरोपी पकड़े गए
एसएसपी पंकज भट्ट ने पुलिस और एसओजी की चार टीमें बनाकर हमलावरों की तलाश शुरू कराई और करीब चार घंटे के अंदर ही दोनों बाइक सवार किशोर और उनके एक साथी को पकड़ लिया गया। देर शाम तक पुलिस उनसे पूछताछ में जुटी रही। घायल छात्र की मां की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने तीन नाबालिगों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। साथ ही कॉलेज के चौकीदार की ओर से दी गई तहरीर पर भी पुलिस ने 15-20 अज्ञात लड़कों के खिलाफ धारा 147, 148 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बार्डर लाइन डिसआर्डर से ग्रसित बच्चों का होता है आपराधिक व्यवहार : डॉ. पंत
मनोविज्ञानी डॉ. युवराज पंत का कहना है कि जिन बच्चों या किशोरों का व्यवहार हिंसक होता है, उनमें बार्डर लाइन डिसआर्डर नामक बीमारी होती है। ये एक पर्सनालिटी डिसऑर्डर है। साथ ही जो बच्चे हाइपोमेनिया से ग्रसित होते हैं या फिर कम उम्र में ही नशे के आदी हो जाते हैं, उनमें भी ये बीमारी होती है। अगर अभिभावकों को अपने बच्चों में हिंसक व्यवहार दिखे तो तुरंत डॉक्टरों की मदद लें।
विशेषज्ञों की राय
मोबाइल की वजह से हिंसक हो रहे बच्चे : डॉ. बिष्ट
शिक्षाविद् डॉ. बहादुर सिंह बिष्ट ने बताया कि बच्चों के पास कम उम्र में ही मोबाइल पहुंच रहा है। मोबाइल में बच्चे वह सब देख रहे हैं जो उन्हें नहीं देखना चाहिए। कम उम्र में हिंसक स्वभाव होने का बड़ा कारण मोबाइल है। मोबाइल क्रांति इतनी व्यापक हो गई है कि अब मोबाइल को बच्चों की पहुंच से दूर रखना असंभव सा हो गया है।
मामले में हमलावरों और 15-20 अज्ञात लड़कों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चिह्नीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। तीन लड़कों को पकड़ लिया गया है, पूछताछ के बाद उन्हें जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया जाएगा। शहर में माहौल बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- पंकज भट्ट, एसएसपी नैनीताल।