परिवहन आयुक्त दीपेंद्र कुमार चौधरी के मुताबिक, ऐसे चालकों की काउंसिलिंग की जिम्मेदारी किस अधिकारी को दी गई? उस अधिकारी ने कितनों की काउंसिलिंग की? काउंसिलिंग का सिलेबस क्या है? क्या कोई वीडियो भी दिखाई? कितनी कार्रवाई की? इन सभी की रिपोर्ट पांच फरवरी तक परिवहन आयुक्त को देनी होगी।
इन गलतियों पर मिलेगी डबल सजा
- चौपहिया चलाते वक्त सीट बेल्ट न पहनने पर
- दुपहिया चलाते वक्त हेलमेट न पहनने पर
- ओवर स्पीड में वाहन चलाने पर
- शराब पीकर वाहन चलाने पर
- रेड लाइट तोड़ने पर
- मालगाड़ी में सवारियां ढोने पर
एक साल में हुई 1041 दुर्घटनाएं
परिवहन आयुक्त कार्यालय के मुताबिक बीते एक साल में प्रदेश में 1041 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 674 लोगों की मौत हुई जबकि 854 घायल हुए। इन दुर्घटनाओं का विश्लेषण करने पर पाया गया कि अधिकतम एक्सीडेंट तेज गति में वाहन चलाने, सुरक्षा उपाय न करने की वजह से हुए हैं। लिहाजा, परिवहन विभाग इस दिशा में सख्ती दिखा रहा है।