वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच और पहचान बनाने के लिए उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों का अंब्रेला ब्रांड बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार में एक अलग पहचान मिलेगी। उद्योग विभाग ने डिजाइन क्षेत्र में रुचि रखने वाले प्रदेश के लोगों से ब्रांड का लोगो और थीम आधारित टैगलाइन के आवेदन मांगे हैं।
प्रदेश में हस्तशिल्प, हैंडलूम शिल्पियों, स्वयं सहायता समूहों, एमएसएमई और विभागों के माध्यम से विभिन्न उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। कई विभागों ने अपने उत्पादों का ब्रांड बनाया है। जिसमें हस्तशिल्प व हैंडलूम के लिए हिमाद्रि, ग्राम्य विकास के माध्यम से संचालित एकीकृत आजीविका परियोजना में समूह की ओर से तैयार उत्पादों को हिलांस ब्रांड के नाम से स्थानीय बाजार में बेचा जा रहा है, लेकिन अभी तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के उत्पादों का कोई ब्रांड नहीं है।
इसको देखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से सभी स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने के लिए अंब्रेला ब्रांड तैयार कर रही है। इसके लिए उद्योग विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने प्रदेश के डिजाइन क्षेत्र में रुचि रखने वालों को ब्रांड का लोगों व टैगलाइन पर आवेदन मांगे गए हैं। इसके बाद विभाग मार्केटिंग क्षेत्र के विशेषज्ञों का सहयोग भी लेगी।
75 हजार का पहला पुरस्कार
उद्योग विभाग को प्राप्त होने वाले आवेदनों का मूल्यांकन विभागीय स्तर पर किया जाएगा। जिसमें सर्वश्रेष्ठ आवेदनों को मूल्यांकन समिति के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को 75 हजार और दूसरा स्थान पर 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
प्रदेश के सभी स्थानीय उत्पादों के लिए अंब्रेला ब्रांड के तहत लोगो और टैगलाइन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। डिजाइन और मार्केटिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों से ब्रांड लोगो के लिए आवेदन मांगें गए हैं। वर्तमान में जिन विभागों की ओर से उत्पादों का ब्रांड बनाया गया है। वे सब ब्रांड के रूप में रहेंगे।
- सुधीर चंद्र नौटियाल, निदेशक, उद्योग विभाग