प्रदेश के सभी निगमों और निकायों पर अब शहरी विकास विभाग सीधे नजर रखेगा। इसके लिए अर्बन ऑब्जर्वेटरी की स्थापना की जा रही है। इस ऑब्जर्वेटरी में हर निगम और निकाय की हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रहेगी। इससे आने वाले समय में बेहतर काम किया जा सकेगा।
शहरी विकास विभाग इन दिनों अर्बन ऑब्जर्वेटरी की तैयारी में जुटा हुआ है। इस पर शुरुआती काम हो गया है। इस ऑब्जर्वेटरी में सभी निगमों और निकायों के खर्च से लेकर सभी गतिविधियों की पूरी जानकारी रहेगी।
मसलन, एक दिन में नगर निगम देहरादून के कितने वाहन चल रहे हैं, उन्होंने एक दिन में कितना डीजल खर्च किया, निगम में कितने कर्मचारी आज उपस्थित रहे और कितने अनुपस्थित रहे। किसी निकाय में रोजमर्रा का कितना खर्च हो रहा है और कितनी कमाई हो रही है आदि। ऑब्जर्वेटरी में कई और ऐसे प्रावधान किए जाएंगे, जिससे आम आदमी को लाभ होगा।
आप खुद देख सकेंगे अपने वार्ड में हुए काम
इस ऑब्जर्वेटरी को न केवल शहरी विकास विभाग बल्कि आम जनता भी एक सीमा तक देख सकेगी। मसलन, आपके वार्ड को अब तक कुल कितना बजट जारी हुआ। इस बजट से कहां, कितना काम किया गया। अभी कितना बजट और बचा हुआ है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि सूचना का अधिकार से सूचना निकालने के बजाए सीधे ऑब्जर्वेटरी से जानकारी मिल सकेगी।
हर वार्ड की हर सड़क की होगी मैपिंग
अर्बन ऑब्जर्वेटरी के अस्तित्व में आने के साथ ही हर वार्ड के हर गली-मोहल्ले में बनने वाली एक-एक सड़क की जीआईएस मैपिंग की जाएगी। सड़क बनने के बाद यह वेरिफाई किया जाएगा कि वह सड़क असल में बनी है या नहीं। इसके लिए सैटेलाइट की मदद ली जाएगी। यह पूरा डाटा भी ऑब्जर्वेटरी में उपलब्ध रहेगा।
अर्बन ऑब्जर्वेटरी का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसमें सभी निगमों और निकायों की सूचनाओं का पूरा संग्रह समाहित होगा। शासन से लेकर निदेशालय तक और निगम-निकाय से लेकर आम आदमी तक इन सूचनाओं को कभी भी देख सकेगा।
-विनोद कुमार सुमन, निदेशक, शहरी विकास निदेशालय