फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इलाज का अभाव : एक महिला को समय पर नहीं किया जा सका एयरलिफ्ट, दूसरी की हेलीपैड पर पहुंचने के बाद गई जान

Wed, 30 Jun 2021 02:22 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, धारचूला/मौलेखाल

सार

पिथौरागढ़ जिले के चीन सीमा से लगे सीमांत माइग्रेशन वाले गांवों में उपचार की कोई सुविधा नहीं है। धारचूला की दारमा घाटी में कई जगहों पर सड़क बंद होने से लोग गांवों में ही फंसे हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दुर्गम पर्वतीय इलाकों में इलाज की कोई सुविधा न होने और सड़कों की बदहाली जानलेवा साबित हो रही है। चीन सीमा से लगे ऐसे ही एक सुविधाविहीन गांव की बीमार महिला की जान इसलिए चली गई कि उसे समय पर एयरलिफ्ट नहीं किया जा सका। इसी तरह सल्ट के देवायल गांव की एक गर्भवती महिला समय पर उचित चिकित्सा सुविधा न मिलने के कारण चल बसी। पहले देवायल से रामनगर और फिर रामनगर से हल्द्वानी रेफर इस महिला ने हल्द्वानी  ले जाते वक्त दम तोड़ दिया। उसके गर्भ में जुड़वां बच्चे थे। 

विज्ञापन


पिथौरागढ़ जिले के चीन सीमा से लगे सीमांत माइग्रेशन वाले गांवों में उपचार की कोई सुविधा नहीं है। धारचूला की दारमा घाटी में कई जगहों पर सड़क बंद होने से लोग गांवों में ही फंसे हैं। मंगलवार को दारमा घाटी के तिदांग गांव से वीसेट से हयात सिंह की पत्नी सुधा दताल (40) की अचानक तबियत खराब होने की सूचना धारचूला में परिचितों को मिली।

इसके बाद लोगों ने प्रशासन से हेलीकॉप्टर तिदांग गांव भेजने की मांग की। बताया कि गांव में अस्थायी हेलीपैड बना दिया है। हेलीकॉप्टर तिदांग गांव नहीं गया। प्रशासन की ओर से बीमार को ढाकर हेलीपैड पर लाने को कहा गया। गांव के लोग महिला को स्ट्रेचर में रख तिदांग गांव से दो किमी दूरी पर स्थित हेलीपैड की ओर चले, लेकिन हेलीपैड तक पहुंचते ही महिला ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन


उधर, अल्मोड़ा जिले के सल्ट देवायल निवासी मंजू देवी (24) पत्नी लक्ष्मण सिंह को सोमवार को प्रसव पीड़ा हुई। परिजन दिन में दो बजे मंजू को स्वास्थ्य केंद्र देवायल ले गए। गंभीर हालत देख डॉक्टरों ने मंजू को रामनगर रेफर कर दिया। 108 एंबुलेंस नहीं मिलने पर परिजन उसे प्राइवेट वाहन में रामनगर अस्पताल ले गए। मंगलवार को वहां से भी मंजू को हल्द्वानी रेफर कर दिया गया।

हल्द्वानी ले जाते समय उसने कालाढ़ूंगी के पास दम तोड़ दिया। ग्राम प्रधान संगठन सल्ट के पूर्व अध्यक्ष गोपाल सिंह रावत ने आरोप लगाया है कि सल्ट और रामनगर में सही उपचार नहीं मिलने से महिला और उसके पेट में पल रहे दो जुड़वां बच्चों की मौत हो गई। सल्ट से रामनगर ले जाने के लिए उसे 108 एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं हो पाई। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।

गोपाल रावत ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भी भेजा है। देवायल अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सौरभ ने बताया कि मंजू के पेट में जुड़वा बच्चे थे। प्रसव के निर्धारित समय से पहले उसकी तबियत बिगड़ गई थी। इस कारण उसको हायर सेंटर रेफर किया गया।

धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों में फंसे लोगों को राहत देने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा संचालित की गई है। हेलीकॉप्टर के उतरने के लिए कुछ गांवों में हेलीपैड बनाए गए हैं। बीमार और बुजुर्गों को समय पर हेली सेवा दिलाने के पूरे प्रयास किए जाएंगे। सड़क खोलने के लिए प्रयास तेज किए गए हैं, ताकि लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो।
विज्ञापन

- आनंद स्वरूप, डीएम, पिथौरागढ़
 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें