बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे स्कूल
प्रदेश के तमाम विद्यालयों के छात्र बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे हैं। यह हाल तब है जबकि विभाग की ओर से स्मार्ट क्लास के दावे किए जा रहे हैं। वही विद्यालयों में गुणवत्तापरक शिक्षा के नाम पर हर साल आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं। कई विद्यालयों में बालिका शौचालय, पेयजल, बिजली, प्रयोगशाला और खेल मैदान नहीं है।
बिना भवन वाले अधिकतर स्कूल वन क्षेत्र में हैं, रिजर्व क्षेत्र होने की वजह से यहां पक्का निर्माण नहीं किया जा सकता। इसके अलावा कुछ स्कूल आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं। इन विद्यालयों के लिए सुरक्षित स्थान पर जगह की तलाश की जा रही है। जल्द ही स्कूल भवनों का निर्माण किया जाएगा।
- बंशीधर तिवारी शिक्षा महानिदेशक