मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर तंज किया कि उनका गैरसैंण से कोई मतलब नहीं है, वह केवल राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने रावत पर निशाना साधा कि उनको मौका मिला था, लेकिन वह ग्रीष्मकालीन राजधानी तक घोषित नहीं कर पाए।
मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया हरीश रावत के उस बयान पर आई, जो उन्होंने गैरसैंण का रुख करने से पूर्व मीडिया को दिया। हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनेगी तो गैरसैंण को स्थायी राजधानी बना देंगे। यह प्रश्न मीडिया की ओर शनिवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत हुआ।
मुख्यमंत्री ने चुटीले अंदाज में कहा, या खुदा हम न हुए। फिर बोले, हो जाओगे तो क्या कर लोगे भाई। उन्होंने कहा कि रावत केवल राजनीति, राजनीति और राजनीति कर रहे हैं। उन्हें गैरसैंण से कोई मतलब नहीं है। अगर उनको यह सबकुछ करना था, मौका मिला था उनको। वो ग्रीष्मकालीन राजधानी भी घोषित नहीं कर पाए। इसलिए रावत जी की बातों पर उत्तराखंड का कोई विश्वास नहीं है।
यह हकीकत है कि इन्होंने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया। यह भी हकीकत है कि यदि हम सत्ता में आएंगे तो 2022 में वहां राजधानी बनाएंगे। मैंने पार्टी से इतना अनुरोध किया है कि आप 2024 में वहां ढांचा पूरा बना देंगे।
- हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री
हमारी सरकार ने चुनाव के दृष्टि पत्र में गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का वादा किया था। हमने पूरा किया। मौका हरीश रावत के पास भी था। हमारी पार्टी ने जो कहा, पार्टी की सरकार ने उसे पूरा किया। हरीश रावत को सियासत में बने रहने के लिए कोई न कोई मुद्दा चाहिए होता है। उन्हें छपास रोग हो गया है।
- बंशीधर भगत, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा से आगे का इंतजार
गैरसैंण (भराड़ीसैंण) को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का श्रेय भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को जाता है। लेकिन घोषणा के बाद राजधानी के स्वरूप को लेकर अभी शासन स्तर पर बात शुरू नहीं हुई है।
कोविड-19 महामारी की चुनौतियों में फंसी सरकार का ध्यान अभी राज्य के आर्थिक गतिविधियों को सामान्य बनाने पर है। भराड़ीसैंण में अभी मिनी सचिवालय का निर्माण होना है। इसके अलावा अवस्थापना विकास से जुड़े कई कार्य भी किए जाने हैं। लेकिन इससे पहले राजधानी के स्वरूप को लेकर एक विशेषज्ञ टीम का गठन भी किया जाना है।