मौजूदा समय कोई व्यक्ति भारी वाहन कंपनी से तैयार लेता था, तो उसे पंजीकरण और फिटनेस के लिए वाहन को आरटीओ में ले जाना पड़ता था। लेकिन अब उसे वाहन को आरटीओ ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मैन्यूफैक्चरर या मैन्यूफैक्चरर डीलर ही पंजीकरण और फिटनेस कराकर देगा।
इसी तरह चेचिस लेकर 30 दिन के अंदर बॉडी बनाने के आदेश में भी बदलाव किया गया है। अब 30 दिन के बजाए छह माह तक बॉडी बना सकते हैं। उन पर किसी तरह का कोई जुर्माना नहीं लगेगा। अभी तक अस्थायी आरसी की अवधि 30 दिन बाद खत्म हो जाती थी। परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मंत्रालय के आदेशों के तहत सुविधा शुरू हो गई है।
फाइलों का बोझ होगा खत्म
आरटीओ दफ्तर में अब फाइलों का बोझ खत्म होने जा रहा है। पहले चरण में आरटीओ देहरादून कार्यालय की फाइलों को डिजिटल करने का काम शुरू हो चुका है। कुछ महीनों में सभी पुरानी से पुरानी फाइलें भी डिजिटल हो जाएंगी, जिसके बाद लोगों को अपने कागजात देखने और आरटीओ कर्मचारियों को काम करने में आसानी हो जाएगी।