भाजपा की तीन दिवसीय चिंतन शिविर रविवार से शुरू हो गया है। तीन दिन में विधानसभा का रोडमैप बनाने के साथ ही पार्टी की गतिविधियों में तेजी लाने के लिए कार्यक्रम तय किए जाएंगे।
रविवार को ढिकुली के एक रिजॉर्ट में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने पत्रकार वार्ता में कहा कि तीन दिन में सात सत्र आयोजित होंगे। इन सत्रों में प्रदेश के राजनीतिक हालातों, विपक्षी दलों की स्थिति पर चर्चा के साथ ही चुनाव के लिए रोडमैप बनाया जाएगा। संगठन में तेजी लाने के साथ ही सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि हर सत्र सवा घंटे का होगा। एक सत्र में बैठक में अपनी बात कहने का सभी को मौका भी दिया जाएगा। बैठक में आने वाले सुझावों और चर्चा के साथ फाइनल कार्यक्रम तय किए जाएंगे। कौशिक ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूरी ताकत के साथ धरातल पर काम किया है लेकिन दूसरे दलों के कार्यकर्ता पोस्टर लगाने, धरना प्रदर्शन, अनर्गल बयानबाजी के साथ ही अन्य संस्थानों को बदनाम करने में लगे थे। इन लोगों ने टूल किट जैसे आविष्कार भी करने का काम किया था। इसका किस तरह से कड़ा जवाब दिया जाए, इस पर भी चर्चा होगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने भी जनता के बीच रहकर सेवा की थी। सरकार पर सांविधानिक संकट के सवाल पर उन्होंने कहा कि संकट कहां से आया है। संविधान में स्पष्ट प्रावधान है कि विधायक निर्वाचित हुए बिना सदन में छह महीने तक मुख्यमंत्री सदस्य रह सकता है। चुनाव आयोग को उपचुनाव की घोषणा करनी चाहिए। भाजपा चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। हर बूथ पर पूरी ताकत के साथ कार्यकर्ता जुटा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से एक साल से कम समय चुनाव आयोग की ओर से उपचुनाव कराने के निर्णय को पलटने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विशेष परिस्थितियों में उपचुनाव नहीं पलटे जाने चाहिए। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री राजेंद्र भंडारी, कुलदीप कुमार, मनवीर चौहान मौजूद रहे।
पार्टी में हो रही बयानबाजी पर भी होगी चर्चा
चिंतन बैठक में तमाम मुद्दों के साथ ही पार्टी में एक दूसरे के खिलाफ चल रही जुबानी जंग पर भी चर्चा होगी। इसे लेकर पार्टी गंभीर है। बीते कुछ दिनों में नेताओं के आपसी द्वंद्व पर पार्टी को भी असहज होना पड़ा है। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं को जल्द दायित्व देने पर भी विचार होगा। प्रदेश अध्यक्ष कौशिक ने बताया कि पार्टी नेताओं को कहा गया है कि बयानबाजी को लेकर संयम बरतें और सोच समझकर बयानबाजी करें। दायित्वधारियों के संबंध में मुख्यमंत्री एक हफ्ते में निर्णय लेने की बात कह चुके हैं।
फोटो खिंचवाने के लिए कैबिनेट मंत्री को रोका
चिंतन बैठक में पहुंचने वाले मुख्यमंत्री, संगठन पदाधिकारियों, सांसद, मंत्री का आयोजन स्थल के गेट पर महिला कार्यकर्ता पार्टी का पटका और पुष्प गुच्छ देकर स्वागत कर रही थीं। इसी बीच एक सरल स्वभाव के माने जाने वाले कैबिनेट मंत्री वहां पहुंच गए और उनका स्वागत भी हो गया। इसी बीच एक नेताजी स्वागत में किए जा रहे फोटो शूट में नहीं पहुंच पाए। जैसे ही मंत्री जी 20 कदम चले तो नेताजी ने उनको रुकवा लिया। उन्होंने तत्काल फोटोग्राफर को तलब किया और फिर तसल्ली से फोटो खिंचवाई।
रिजार्ट में अकेले ठहरेंगे आमंत्रित लोग
रुद्रपुर। चिंतन बैठक में प्रतिभाग करने आने वाले पदाधिकारी, मंत्रियों के लिए आयोजन स्थल बनाए गए रिजॉर्ट में ठहरने की व्यवस्था की गई है लेकिन कमरे में सिवाय आमंत्रित सदस्य के अलावा किसी को रहने की इजाजत नहीं है। रविवार को पदाधिकारी, मंत्रियों के साथ आए गनर, पीए और सहयोगी आवंटित कमरे में सामान छोड़कर चले गए। संगठन की ओर से सभी को हिदायत दी गई है कि चिंतन बैठक में कोई अवरोध न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाए।
स्थानीय कार्यकर्ताओं को आयोजन स्थल में आने की अनुमति नहीं
रामनगर। चिंतन बैठक में अनावश्यक भीड़ न हो, इसका भी पार्टी की ओर से ख्याल रखा गया है। जिन कार्यकर्ताओं के पास बैठक की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी थी उन्हीं को पास जारी किए गए थे। विधायकों को बैठक में नहीं बुलाया गया था। काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा भी आयोजन स्थल में पहुंचे थे और लंबा इंतजार करने के बाद मुख्यमंत्री से मिलकर लौट गए थे। रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट भी आयोजन स्थल में कुछ समय के लिए पहुंचे थे।