महिला ने खुद को पत्नी बताकर शिकायत दी
आयोग अध्यक्ष कंडवाल ने बताया कि तीन बच्चों की मां ने आयोग में जिसके खिलाफ शिकायत दी, उसे पति बताया था। आयोग की जांच में वह प्रेमी निकला, जिसके साथ शिकायतकर्ता लिव इन रिलेशनशिप में थी। फिलहाल आयोग के कानूनी परामर्शदाताओं ने उसके पार्टनर को बुलाकर समझाया है। फिलहाल वह बच्चों की देखभाल का खर्च उठाने लगा है।
लिव इन रिलेशनशिप में कुछ सालों बाद महिलाओं को बेसहारा छोड़ने के केस हर महीने आ रहे हैं, इसलिए यूसीसी के तहत लिव इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है, ताकि महिला सुरक्षित रहे और समय आने पर उसके और उसकी संतान के कानूनी अधिकार दिलाए जा सके।
-कुसुम कंडवाल, अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग