विधानसभा सत्र में इस बार हंगामा होना तय है। तीन दिन के सत्र में कांग्रेस ने बेरोजगारी के मुद्दे सहित सत्ता पक्ष के विधायकों के असंतोष, कोविड, अर्थव्यवस्था में गिरावट आदि पर कार्य स्थगन प्रस्ताव लाना तय किया है।
विधानसभा सत्र को लेकर सरकार की मुश्किलें लगातार बढ़ रही है। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने भाजपा के कुछ विधायकों के असंतोष को हवा देकर इसका संकेत भी दे दिया था। दूसरी ओर, कोविड संक्रमण की रोकथाम से लेकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के मामले में कांग्रेस सरकार से खासी नाराज भी है। ऐसे में सदन में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह सरकार को घेरने में कोई कसर न छोड़ने की तैयारी में जुट भी गए हैं।
विधानसभा के बाहर भी बरपेगा हंगामा
विधानसभा सत्र इस बार अनलॉक-4 के दौरान हो रहा है। सत्र के दौरान असंतुष्टों का विधानसभा कूच भी परंपरा सी बन गई है। प्रदेश में कोविड के कारण धारा 144 भी लागू है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होने पर मुकदमे भी दर्ज हो रहे हैं। इस मामले को लेकर सत्र के दौरान विधानसभा के बाहर भी हंगामा रहने केे आसार हैं। यह भी हो सकता है कि कांग्रेस से पूर्व सीएम हरीश रावत और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी विधानसभा के बाहर मोर्चा संभाल लें।
प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। संक्रमण फैलने से रुक नहीं रहा है। बेरोजगारी चरम पर है। सरकार अपने विधायकों के कारण परेशानी में घिर रही है। सदन में इन सारे मामलों को पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।
- इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष