जिलों का कैलेंडर बनेगा
सीएम के निर्देश पर नियोजन विभाग को प्रभारी सचिवों की व्यवस्था समाप्त कर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। आलाधिकारियों के जिलों के भ्रमण का एक कैलेंडर बनाया जाएगा। हर अधिकारी महीने में एक बार एक जिले का दौरा करेगा। 12 महीनों में वे 12 दौरे करेंगे। इस दौरान उन्हें रात्रि प्रवास भी करना होगा। साथ ही वे किसी स्कूल, अस्पताल या अन्य संस्थान का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। देहरादून जिला इसमें शामिल नहीं होगा, क्योंकि यहां सचिवालय है और सभी अधिकारी यहां मौजूद रहते हैं।
ये होगा फायदा
आधिकारिक सूत्रों का दावा है कि इस नई व्यवस्था से सभी सचिवों को साल में सभी जिलों में विकास की प्रगति जानने का अवसर मिलेगा। वे अपने विभागों से संबंधित योजनाओं की वास्तविक स्थिति जान सकेंगे। उन्हें शासन स्तर पर बनाई जाने वाली विकास योजनाओं, कल्याणकारी कार्यक्रमों, केंद्र व राज्य की फ्लैगशिप योजनाओं की जमीनी हकीकत का पता कर पाएंगे। साथ उनमें सुधार के लिए मौके पर दिशा-निर्देश दे सकेंगे।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रभारी सचिवों के स्थान पर अब नई व्यवस्था होगी। अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव व प्रभारी सचिव स्तर के अधिकारी हर महीने जिलों का दौरा करेंगे। वे रात्रि प्रवास भी करेंगे। इसका एक कैलेंडर तैयार हो रहा है। इसका जल्द आदेश जारी हो जाएगा।
- आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव, नियोजन