जानकारों का मानना है कि किसी कारणवश डॉ. संधु को सेवा विस्तार नहीं मिला तो अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को मुख्य सचिव बनाया जा सकता है। संधु के बाद रतूड़ी ही सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं। 1988 बैच की आईएएस रतूड़ी मुख्यमंत्री धामी की पसंदीदा अफसरों में से हैं। यदि उन्हें अवसर मिलता है तो धामी सरकार को पहली महिला मुख्य सचिव बनाने का श्रेय मिलेगा।
सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों नामों में से मुख्य सचिव की कुर्सी पर किसका नसीब खुलेगा, इस बारे में अभी पूरी तरह से सस्पेंस है। मुख्यमंत्री की चुप्पी ने इस सस्पेंस को और गहरा दिया है। कार्मिक विभाग को अभी उनकी ओर से कोई संकेत नहीं मिले हैं। माना जा रहा है कि सरकार इस मामले में अंतिम समय में निर्णय ले सकती है।