मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत गढ़वाल आयुक्त कैंप कार्यालय में करीब एक घंटे तक रहे। इस दौरान उन्होंने वहां लंबित कई फाइलों की प्रगति की जांच की और उन्हें समय से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने ताकीद किया कि फाइलों में किसी तरह का विलंब नहीं होना चाहिए।
निजी सचिव के मौखिक आदेश पर पौड़ी जाती रहीं पत्रावलियां
मुख्यमंत्री यह जानकार हैरान थे कि कैंप कार्यालय में पत्रावलियां पहले एंट्री के लिए पौड़ी मुख्यालय भेजी जाती हैं। जब पूछा गया कि ऐसा किसके आदेश पर हो रहा है तो बताया गया कि ऐसा वर्ष 2019 में गढ़वाल आयुक्त के तत्कालीन वैयक्तिक सहायक के दिए गए मौखिक आदेश पर हो रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। यह खुलासा तब हुआ जब मुख्यमंत्री ने पत्र प्राप्ति रजिस्टर की मांग की। मुख्यमंत्री ने गढ़वाल आयुक्त को कहा कि यह कार्य के प्रति लापरवाही को दर्शाता है।
कर्मचारी समय पर आ रहे हैं कि नहीं, फाइलों को निपटारा किस गति से हो रहा है, यह सब पता लगाने के लिए मैं कैंप कार्यालय गया था। मेरे साथ मुख्य सचिव भी थे। जो भी अधिकारी-कर्मचारी वहां मौजूद नहीं थे, उनकी अनुपस्थिति लगाई गई है, वेतन रोकने को भी कहा है। एक बड़ी खामी यह देखने में आई कि कैंप कार्यालय की सभी फाइलें रिसीव होने के लिए पौड़ी भेजी जा रही हैं, मैंने मुख्य सचिव को कर्मचारी सेवा नियमावली के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री