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उत्तराखंड: वन सचिव और प्रमुख वन संरक्षक को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद

Tue, 08 Feb 2022 11:04 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल

सार

मामले की सुनवाई जस्टिस हेमंत गुप्ता और आर सुब्रमण्यम की पीठ में हुई। मामले की अगली सुनवाई चार  सप्ताह बाद होगी।
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सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : PTI
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विस्तार
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कॉर्बेट पार्क के निकट सुंदरखाल क्षेत्र के निवासियों को वन अधिकार अधिनियम के तहत अब तक बिजली, पानी, मोबाइल जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने वन सचिव और प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड को नोटिस जारी किया है।

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मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी
अदालत ने ये अधिकार सुंदरखाल के ग्रामीणों को अब तक न दिए जाने का कारण स्पष्ट करने के लिए कहा है। मामले की सुनवाई जस्टिस हेमंत गुप्ता और आर सुब्रमण्यम की पीठ में हुई। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

वत्सल फाउंडेशन की सचिव श्वेता मासीवाल, सदस्य मनीषा आर्या आदि की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को सुंदरखाल के ग्रामीणों को जमीन के बदले जमीन देकर उनके पुनर्वास के प्रस्ताव को चार सप्ताह में कोर्ट के सामने प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
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बता दें कि ग्रामीणों को प्रति परिवार मात्र दस लाख रुपये दिए जाने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को याचिकाकर्ता वत्सल फाउंडेशन ने चुनौती दी थी।

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